गांधी की शहादत पर गुमनाम सुराजियों को आदिवासियों ने किया याद 

 

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नगवा की धरती से 1857 की क्रांति में शहीद हुए गुमनाम सुराजियो ने अंग्रेजों को क्षेत्र से खदेड़ने में महत्वपूर्व भूमिका निभाईसांसद छोटेलाल खरवार

दुद्धी/ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित आदिवासी महोत्सव में जैव, विविधता, संस्कृति, परम्परा स्वावलंबन, सादगी एवं कर्मठता का अनूठा संगम नगवा के में शुक्रवार को रहा।कार्यक्रम  का शुभारंभ लगातार चौबीसवें वर्ष  आदिवासी स्वराज्य  स्तंभ में स्थापित महात्मा गांधी,भगवान बिरसा मुंडा एवं गुमनाम सुराजियों के स्तंभ का माल्यार्पण पूजा अर्चन मुख्य अतिथि सांसद छोटे लाल खरवार,कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  विधायक हरिराम चेरो, विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख मान सिंह गौड, पूर्व विधायक प्रत्याशी श्रवण सिंह गौड,ने संयुक्तरूप से कर मशाल जुलूस में अग्नि प्रज्ज्वलित कर किया।कार्यक्रम के दौरान नगवा गांव के पांच स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों  अमेरिका खरवार धर्मजीत,सोबरन,धनीराम,धनुकधारी को अतिथियों ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि नगवा की धरती से 1857 की क्रांति में शहीद हुए गुमनाम सुराजियो ने अंग्रेजों को क्षेत्र से खदेड़ने में महत्वपूर्व भूमिका निभाई। गांधी को मारने वाले आज गोडसे की पूजा कर रहे है।आज गांधी जी की दूसरी हत्या मनरेगा का नाम बदल कर  दिया गया ग्राम प्रधानों का अधिकार भी धीरे धीरे कम हो रहा है।आदिवासियों की जमीन पर बाहरी लोग कब्जा कर आदिवासियों को परेशान कर रहे है आज जमीन की लड़ाई के लिए आदिवासी समाज तहसील थाने का चक्कर लगाने को विवश है।सासंद ने कहा आदिवासियों की जमीन सर्वे में कराकर परेशान करने वाले बक्से नहीं जायेगे जिला मुख्यालय पर दिशा की बैठक में इन बिंदुओं को प्रमुखता से रखा जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक हरि राम चेरो ने कहा कि गुमनाम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के नामो को पटल पर लाने का काम भाई महेशानंद ने किया।आदिवासियों को एकजुट करना होगा तभी वनवासी समाज का विकास होगा।हर सरकार अपनी विचारधारा से काम करती है। आदिवासियों का शैक्षणिक सामाजिक और आर्थिक विकास अभी तक नहीं हो सका।हम आदिवासियों की लड़ाई गांधीवादी तरीके से लड़ कर उन्हें जन जंगल जमीन के लिए आवाज उठाएंगे।कार्यक्रम के आयोजन  महेशानन्द भाई आदिवासियों को गांधी जी एवं भगवान बिरसा मुंडा की शहादत को याद रखना होगा।किसी भी बेटी का बाल विवाह गांव में नहीं होना नहीं चाहिए। सामाजिक बुराई को दूर कर एक बेहतर समाज की स्थापना करना है।

विशिष्ट अतिथि श्रवण कुमार गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि  इस क्षेत्र के लिए ग्राम स्वराज समिति द्वारा आदिवासियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।गांधी जी का सपना था स्वच्छ भारत एवं सुंदर भारत हम उनके विचारों को आत्मसात करेंगे यही सच्ची श्रंद्धाजलि है।  हरिराम चेरो ने अपने संबोधन में कहा कि नगवा की धरती के स्वतंत्रता सेनानियों को पीढ़ी दर पीढ़ी याद की जाएगी।कार्यक्रम के दौरान बिरहा के माध्यम से बालविवाह उन्मूलन नशा मुक्ति आदि विषय पर प्रस्तुति की गई।  कार्यक्रम का संचालन हरिकिशुन खरवार ने किया इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक महेशानंद भाई,रामेश्वर राय, देवनारायन खरवार ,डॉ गौरव सिंह,ग्राम प्रधान लखमन देवी,शिवकुमार खरवार, फ़नेश्वर जायसवाल,विश्वनाथ गंभीरा प्रसाद , ईश्वर प्रसाद निराला, गंभीरा प्रसाद,सुखई पोया सहित काफी संख्या में आदिवासी समाज से जुड़े महिलाएं पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे और मेला का आनंद किया।

 बाल विवाह मुक्ति रथ को सांसद ने दिखाई हरि झंडी 

ग्राम स्वराज समिति के तत्वाधान में आयोजित आदिवासी दिवस के अवसर पर सांसद छोटे लाल खरवार ने बाल विवाह मुक्ति रथ को सासंद छोटे लाल खरवार ने हरि झंडी दिखाकर रवाना किया।रथ के माध्यम से बाल विवाह पर प्रकाश डालते हुए संस्था प्रमुख महेशानंद ने लोगो को बताया कि आदिवासी समाज लड़की का विवाह 18 वर्ष पूर्ण होने और लड़का का विवाह 21 वर्ष पूर्ण होने पर करे। बाल विवाह से होने वाले  शोषण से बचे।इस तरह की घटना होने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी ,जिलाधिकारी या पुलिस आदि से करे।ऐसे कृत्य करने वालो के विरुद्ध सजा का भी प्रावधान है।

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