नाबालिग से दुष्कर्म के तीन आरोपी 30 घंटे बाद मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार, एक घायल

सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म की जघन्य घटना को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए मात्र 30 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीओ ओबरा अमित कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास करने लगा, जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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घटना को लेकर 02 जनवरी को एक महिला ने थाना ओबरा में लिखित तहरीर दी थी कि उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी मजदूरी के उद्देश्य से भलुआ टोला में किराए के कमरे में रहती थी, जहां उसके साथ काम करने वाले राजगीर मिस्त्री पप्पू उर्फ बिंदू यादव ने अपने दो साथियों के साथ 30 दिसंबर को भलुआ टोला के पूरब स्थित पहाड़ी पर ले जाकर जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से पीड़िता और उसकी मां से संपर्क कर काउंसलिंग, विश्वास बहाली, सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई तथा पॉक्सो एक्ट, एससी एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।लगातार दबिश के दौरान 03 जनवरी की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में घेराबंदी कर दो आरोपियों पप्पू उर्फ बिंदू यादव निवासी कनहरा और अर्जुन डोम निवासी भलुआ टोला मलिन बस्ती को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

वहीं तीसरा आरोपी करन डोम निवासी लंका कॉलोनी भागने के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा, जिस पर आत्मरक्षार्थ की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया, जिसके आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने बताया कि घायल आरोपी का इलाज अस्पताल में चल रहा है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि पीड़िता को हर संभव सुरक्षा और सहायता प्रदान की जा रही है।

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