बलरामपुर जिले में 311 एकल शिक्षक वाले और 14 शिक्षकविहीन विद्यालयों में युक्तिकरण के अंतर्गत अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई डेटा आधारित कार्ययोजना और संतुलित पुनर्विन्यास के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी विद्यालय में शिक्षक का पद लंबी अवधि तक रिक्त न रहे।
बलरामपुर विकासखंड का प्राथमिक शाला महाराजगंज, जो लंबे समय से शिक्षकविहीन था, वहां युक्तिकरण नीति के तहत शिक्षक की पदस्थापना के बाद पुनः नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इसी तरह प्राथमिक शालाएं लुर्गी, भीतर सौनी और मक्याठी जैसे एकल शिक्षक विद्यालयों में भी अब विषयवार शिक्षकों की तैनाती संभव हो पाई है।
दूरस्थ अंचलों में लौटा शिक्षा का उजियारा
