25
Feb
डा. पंकज भारद्वाज देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक को लेकर लगातार नए दावे किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय, शोध संस्थान और निजी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन कर रही हैं। इसी क्रम में हाल ही में आयोजित एक एआई समिट के दौरान प्रस्तुत एक “एआई डॉग” को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस प्रकरण ने न केवल संबंधित विश्वविद्यालय की साख पर प्रश्नचिह्न लगाया है, बल्कि शोध अनुदान और पारदर्शिता की व्यापक बहस भी छेड़ दी है। बताया गया कि एक प्रमुख निजी विश्वविद्यालय, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एआई से जुड़ी अपनी उपलब्धियों के प्रदर्शन के दौरान एक रोबोटिक डॉग…
