डाला/सोनभद्र। भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा रूपी उपदेशों को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पदयात्रा पर निकले स्वेताम्बर जैन मुनि समुदाय के लोग 65वें दिन सोमवार को डाला पहुंचे। डाला पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने जैन मुनियों का श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वागत किया।यह पदयात्रा आचार्य श्री महासेनसूरी महाराजसाहेब के नेतृत्व में की जा रही है। इस यात्रा में स्वेताम्बर जैन समुदाय के चार साधु एवं उन्नीस साध्वियां सहित कुल 23 साधु साध्वी शामिल हैं। यह पदयात्रा महाराष्ट्र के नागपुर स्थित भाजी मंडी, इतवारी से 23 नवंबर को प्रारंभ हुई थी और अब तक लगभग 750 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की जा चुकी है। जैन मुनि प्रतिदिन करीब 15 से 16 किलोमीटर की पदयात्रा करते हैं।


जनकल्याण के उद्देश्य से निकली यह यात्रा 24 तीर्थ स्थलों की भूमि को स्पर्श करते हुए वाराणसी, पटना होते हुए मई जून में झारखंड के सम्मेद शिखर पहुंचेगी। आचार्य श्री महासेनसूरी महाराजसाहेब अब तक 13 राज्यों की पदयात्रा कर चुके हैं।
डाला में समाजसेवी संजय मित्तल के नवीन आवास पर आयोजित प्रवचन के दौरान आचार्य श्री महासेनसूरी महाराजसाहेब ने कहा कि भगवान महावीर के “अहिंसा परम धर्म:” के सिद्धांतों को अपनाकर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी जीव को मन, वचन और कर्म से नुकसान न पहुंचाएं, न उसे मारें, न चोट पहुंचाएं और न ही बुरा विचार करें। सत्य का अर्थ हमेशा सच बोलना और झूठ से दूर रहना है। उन्होंने चोरी न करने, लालच से बचने, संयमित जीवन जीने और आवश्यकता से अधिक संग्रह न करने का संदेश दिया। साथ ही कहा कि सभी जीव समान हैं और सादा जीवन ही श्रेष्ठ जीवन है।इस अवसर पर मुकेश जैन, दीपिका जैन, विकास जैन, राजकुमार जैन, राधा मित्तल, कल्पना मित्तल, ऊषा मित्तल, राजेश गोयल, राकेश जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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