एचआरडी बीसीसीएल में ‘एमएसएमई’ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन

धनबाद। बीसीसीएल के मानव संसाधन विकास विभाग, कल्याण भवन (एचआरडी) द्वारा कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों एवं विभागों के अधिकारियों और कर्मियों के लिए 06 जनवरी से 08 जनवरी तक ‘एमएसएमई’ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के मैराथन ट्रेनिंग एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम (मैराथन ट्रेनिंग एंड कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम्स) के अंतर्गत आयोजित किया गया था।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन आज ट्रेनिंग सत्र का संचालन  सुमन कुमार, महाप्रबंधक (सिविल), सीईडी, मुख्यालय ने किया। उन्होंने इस सत्र में एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े संरचनात्मक, प्रबंधकीय और विकासात्मक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की और प्रतिभागियों को औद्योगिक प्रक्रियाओं में सुधार, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सतत विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अद्यतन जानकारी साझा की।

इससे पूर्व 6 जनवरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस सत्र का संचालन आनंद कुमार, महाप्रबंधक (एमएम), मुख्यालय ने किया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने प्रतिभागियों को एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका, औद्योगिक परिदृश्य, और संगठनात्मक विकास से संबंधित विविध पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन 7 जनवरी को ट्रेनिंग सत्र का संचालन श्री अभिषेक झा, प्रबंधक (खनन), सीएमसी विभाग, मुख्यालय द्वारा किया गया, जिसमें तकनीकी उन्नयन, नवाचार, और एमएसएमई से जुड़ी समकालीन चुनौतियों सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को MSME क्षेत्र से संबंधित विभिन्न प्रबंधन, संचालन और विकास के मुद्दों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों में उद्यमशीलता की भावना को प्रोत्साहित करना तथा एमएसएमई से संबंधित कार्य निष्पादन में दक्षता बढ़ाना था। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभवों को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बीसीसीएल के विभिन्न विभागों के 41 अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हुए। प्रशिक्षण को सफल बनाने में सुमित कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (खनन), एचआरडी सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।

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