मुख्य अतिथि डॉ. जवाहर कर्नावट को मिला बीसीसीएल का प्रतिष्ठित कोयला भारती राजभाषा सम्मान, सीएमडी सहित निदेशकगण रहे उपस्थित
धनबाद। हिंदी दिवस के अवसर पर बीसीसीएल में 14 सितम्बर से आयोजित राजभाषा पखवाड़ा का आज कम्युनिटी हॉल कोयला नगर में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ समापन हुआ। मुख्य अतिथि के तौर पर विश्व हिंदी सम्मान से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध हिंदी विद्वान डॉ. जवाहर कर्नावट कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिन्हें इस वर्ष के प्रतिष्ठित कोयला भारती बीसीसीएल राजभाषा सम्मान-2025 से सम्मानित किया गया। श्री कर्नावट को इस सम्मान के साथ एक प्रशस्ति पत्र, शील्ड और इक्कीस हज़ार रुपये की नकद राशि प्रदान की गयी। इसके साथ ही पुरस्कार वितरण समारोह में राजभाषा पखवाड़ा-2025 के दौरान बीसीसीएल मुख्यालय एवं क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में बीसीसीएल प्रोजेक्ट स्कूलों तथा कोयलांचल विश्वविद्यालय के हिंदी के मेधावी छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने की। अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, मुख्य सतर्कता अधिकारी, अमन राज, महाप्रबंधक (मानव संसाधन/राजभाषा) कुमार मनोज, महाप्रबंधक (एचआरडी) अनूप कुमार रॉय, सहित मुख्यालय के सभी महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, क्षेत्रों के नोडल हिंदी पदाधिकारी-अधिकारी एवं कर्मी, विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि सीएमओएआई सदस्य के अतिरिक्त विभिन्न स्पर्धाओं के विजयी प्रतिभागी, उनके परिजन, बीसीसीएल प्रोजेक्ट विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा मुख्यालय एवं क्षेत्रों के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी-अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहें।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में सीएमडी, मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा होने के साथ-साथ देश की एकता और सांस्कृतिक पहचान की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल सदैव राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं प्रयोग को प्रोत्साहित करता रहा है और भविष्य में भी यह संकल्प निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक कार्यों में अधिकाधिक हिंदी का प्रयोग करें, जिससे राजभाषा के संवर्धन एवं सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके। श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि राजभाषा केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है, और हमें इसे गर्व और सम्मान के साथ आत्मसात करना चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जवाहर कर्नावट ने कहा कि राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए दिया जाने वाला यह पुरस्कार एक सराहनीय प्रयास है, जिसके लिए मैं आभार प्रकट करता हूँ। सरकारी संस्थानों को हिंदी के लिए इस तरह के प्रयास अवश्य करते रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदी विश्व की एक सशक्त भाषा है और हिंदी पत्रकारिता का 100 से अधिक वर्षों का गौरवपूर्ण वैश्विक इतिहास है। 20वीं सदी के आरंभ से ही दुनिया भर के देशों में हिंदी की पत्र-पत्रिकाएँ निकाली गई हैं। यहाँ तक कि हस्तलिखित समाचार-पत्र भी दुनिया के दूसरे देशों में निकाले गए हैं। भारतीय गिरमिटिया मजदूर और प्रवासी भारतीय दुनिया के जिन देशों में हैं, वहां उन्होंने हिंदी और भारतीय संस्कृति को संरक्षित और हिंदी को बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के 100 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी अध्ययन-अध्यापन का कार्य होता है। दुनिया के 205 देशों में हमारे 2.5 करोड़ से अधिक प्रवासी भारतीय हिंदी के राजदूत हैं। हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारे देश की साझा सांस्कृतिक चेतना का आधार है।
सभा को निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया तथा मुख्य सतर्कता पदाधिकारी अमन राज ने भी संबोधित किया।
इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्र गान, कोल-इंडिया गीत, अतिथियों के औपचारिक स्वागत तथा सामूहिक दीप-प्रज्ज्वलन के साथ की गयी, जिसमें उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप-प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। विभागाध्यक्ष (राजभाषा) कुमार मनोज के औपचारिक स्वागत संबोधन के पश्चात सर्वप्रथम कोयला भारती के 43वें अंक का विमोचन किया गया, जिसके उपरांत मुख्य अतिथि डॉ. जवाहर कर्नावट को सीएमडी श्री मनोज अग्रवाल ने कोयला भारती राजभाषा सम्मान-2025 से सम्मानित एवं अलंकृत किया।
पुरस्कार वितरण में सर्वप्रथम राजभाषा के क्षेत्र में वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्षेत्रों को कॉर्पोरेट स्तरीय स्व. शंकर दयाल सिंह स्मृति राजभाषा सम्मान-2025 वितरित किये गए, जिसमें लोदना, बस्ताकोला और कुसुंडा तथा वाशरी डिवीजन (संयुक्त रूप से) को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसी के अंतर्गत मुख्यालय स्तर पर तकनीकी श्रेणी में भू-संपदा विभाग को प्रथम, विद्युत एवं यांत्रिक विभाग को द्वितीय तथा केंद्रीय सर्वेक्षण विभाग को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। गैर-तकनीकी श्रेणी में कर्मचारी स्थापना विभाग (प्रथम), जनसंपर्क विभाग (द्वितीय) तथा प्रशासन एवं अधिकारी स्थापना (संयुक्त रूप से) को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके पश्चात मुख्यालय एवं क्षेत्रीय स्तर पर पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कारों की श्रृंखला में बीसीसीएल प्रोजेक्ट विद्यालयों के 10वीं तथा 12वीं के छात्रों एवं विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर में हिंदी विषय में सर्वाधिक अंक लाने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक (राजभाषा) उदयवीर सिंह ने किया। समारोह का समापन उपस्थित अतिथियों, विजेताओं और दर्शकों के उत्साहपूर्ण सहभागिता के बीच हुआ।

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