29
Jul
*चलने-फिरने में असमर्थ मुरलीधर के लिए पीएम आवास बना सहारा* रायपुर/ मैं जब तक सक्षम था... मुझे झोपड़ी में कोई ज्यादा परेशानी नहीं थी। बारिश हो या तूफान... हर मौसम में झोपड़ी में ही मेरा और मेरे परिवार का समय बीता। हालांकि खपरैल वाले मिट्टी के घरों में रहना तकलीफदेह तो है, लेकिन हाथ-पैर सही सलामत हो तो हर तकलीफ दूर की जा सकती है। मैं भी बारिश आते ही परेशानी से बचने के लिए परिवार सहित खपरैल ठीक करता था। बारिश के बाद उखड़ी हुई दीवारों की मरम्मत करता था और तेज बारिश में घर के भीतर गिरने वाली…
