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Aug
रायपुर,/ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा है कि बालिका की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना केवल विधिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि नैतिक और संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि बालिका के लिए सुरक्षित वातावरण केवल उसे अपराध से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक पहल से आरंभ होता है- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समान अवसर की उपलब्धता अपरिहार्य है। सभी संस्थानों का उद्देश्य केवल अन्याय को रोकना नहीं, बल्कि सशक्तिकरण करना है। मुख्य न्यायधीश श्री सिन्हा आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की विशेष सेल फॉर पॉक्सो समिति…
