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Sep
अब हमारा भी है एक ठिकाना* रायपुर./ स्वसहायता समूहों की ‘बिहान’ दीदियों के लिए कभी छोटी सी बैठक भी बड़ी चुनौती हुआ करती थी। समूह की गतिविधियां हों या संकुल की बैठकें, उन्हें गांव के पंचायत भवन या किसी के घर पर जगह मांगनी पड़ती थी। कई बार वहां दूसरी बैठकें होने पर जगह न मिलने से बैठकें टल जाती थीं और उन्हें भटकना पड़ता था। बहुत बार उनका प्रशिक्षण भी बाधित हो जाता था, जिससे संगठन की गति धीमी हो जाती और ‘बिहान’ का काम प्रभावित हो जाता। महतारी सदन ने अब दीदियों की इस बड़ी चिंता को दूर…
