दुद्धी (सोनभद्र)। जनपद की महत्वपूर्ण कनहर सिंचाई परियोजना को वर्ष 2026 के बजट में लगभग 702 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने के बाद निर्माण कार्य में तेजी की उम्मीद जताई गई थी। यह परियोजना लगभग 108 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयार की जा रही है।बांध का मुख्य कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन अब मुख्य गेट पर बन रही रिटर्निंग वॉल को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कार्य में स्थानीय पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन बजट मिलने के बाद सुकृत क्षेत्र से कटिंग पत्थर मंगाए गए हैं।लोगों का आरोप है कि यदि स्थानीय बोल्डर मानक के अनुरूप थे तो बाहर से पत्थर मंगाने की आवश्यकता क्या थी। वहीं यदि बाहरी पत्थर बेहतर गुणवत्ता के थे तो वर्तमान में स्थानीय सामग्री का उपयोग क्यों किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने बाहरी पत्थरों की खरीद और परिवहन पर हुए खर्च का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने तथा निर्माण सामग्री की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

सिंचाई खंड-3 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बजट की धनराशि मुख्यतः नहर निर्माण के लिए है और नहर पूर्ण होने के बाद ही बांध से पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने रिटर्निंग वॉल में स्थानीय पत्थर के उपयोग की बात कही, जबकि सुकृत से लाए गए कटिंग पत्थरों के विषय में स्पष्ट जानकारी होने से इंकार किया।

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