न जंगल रोके, न पहाड़ थकाएं…साइकिल पर 3000 किमी की अध्यात्मिक धर्मयात्रा, द्वारकाधीश की ओर बढ़ते तीन युवा

डाला सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का अनोखा संकल्प लेकर उड़ीसा से निकले तीन युवा साइकिल पर करीब 3000 किलोमीटर की कठिन धार्मिक यात्रा कर रहे हैं। यह युवा बीहड़ जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और जंगली रास्तों से गुजरते हुए खुले आसमान के नीचे रातें बिताकर अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।धर्म ध्वज और हाथ में भारत का तिरंगा लेकर निकले ये युवक उड़ीसा से यात्रा शुरू कर सोनभद्र पहुंचे। यहां से काशी विश्वनाथ के दर्शन, प्रयागराज में कुंभ स्नान और अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन के बाद गुजरात स्थित द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने का संकल्प लिए हुए हैं।सोनभद्र जिले के डाला क्षेत्र में तीन साइकिलों पर सवार इन युवाओं ने बताया कि वे अब तक लगभग 700 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। यात्रा के दौरान वे रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और सनातन धर्म का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।युवाओं ने बताया कि इस यात्रा में उनके पास न कोई विशेष सुविधा है और न ही कोई लग्जरी व्यवस्था। वे स्वयं भोजन बनाकर यात्रा कर रहे हैं। कई बार जंगलों और पहाड़ी इलाकों में उन्हें खुले आसमान के नीचे ही रात गुजारनी पड़ती है, लेकिन उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि अपने उद्देश्य को लेकर आत्मविश्वास साफ दिखाई देता है।यात्रा पर निकले युवाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना और खासकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। खेती और छोटे-मोटे कार्य से जुटाए गए संसाधनों के सहारे वे इस लंबी यात्रा को पूरा कर रहे हैं।इस धार्मिक यात्रा में शामिल युवाओं के नाम अजित, शुभांकर और विजय राव हैं, जो उड़ीसा के निवासी हैं।

NTPC
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