सांक्टोरिया । आसनसोल में आयोजित 45वां कॉस्ट कॉन्फ्रेंस 2026, जिसका विषय “परिवर्तनपथ : नेविगेटिंग चेंज – टोटल कॉस्ट मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी एवं फाइनेंस ट्रांसफॉर्मिंग इंसाइट्स” निर्धारित किया गया, गरिमापूर्ण वातावरण में प्रारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से वित्तीय रणनीतिकारों, उद्योग जगत के वरिष्ठ नेतृत्व, नियामक संस्थाओं तथा लागत एवं प्रबंधन लेखा (CMA) पेशेवरों की विशिष्ट सहभागिता रही। यह सम्मेलन एक उच्च-प्रभावी ज्ञान मंच के रूप में परिकल्पित किया गया, जिसका उद्देश्य रणनीतिक एवं नेतृत्वकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे पेशेवरों को तकनीकी नवाचार एवं विनियामक परिवर्तनों से प्रेरित गतिशील व्यावसायिक परिवेश में मार्गदर्शन हेतु समकालीन उपकरण, अंतर्दृष्टि एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियाँ उपलब्ध कराना था।

तकनीकी सत्रों में आधुनिक उद्यम प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से— रणनीतिक विकास हेतु लागत प्रबंधन : सतत मूल्य सृजन के लिए अनुकूलन रूपरेखाएँ एवं डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण; अगली पीढ़ी का लेखांकन एवं प्रतिवेदन : वित्तीय सुशासन में विकसित होते मानक, पारदर्शिता तंत्र एवं वैश्विक श्रेष्ठ प्रथाएँ; तथा समुदाय सशक्तिकरण : GST 2.0, फिनटेक नवाचार, स्वचालन एवं डेटा-आधारित वित्तीय पारितंत्र में CMA की विस्तारित भूमिका।

सम्मेलन के अंतर्गत एक विशेष CMA लीडर्स मीट एवं एडवाइजरी मीट का भी आयोजन किया गया, जिसमें उभरती औद्योगिक चुनौतियों तथा भविष्य उन्मुख वित्तीय नेतृत्व पर सार्थक रणनीतिक संवाद संपन्न हुआ। इन सत्रों में वरिष्ठ उद्योग विशेषज्ञों एवं नीति-निर्माताओं द्वारा व्यवहारिक एवं क्रियाशील दृष्टिकोण प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर श्री सतीश झा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, ईसीएल, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मो. अनजार आलम, निदेशक (वित्त), ईसीएल की गरिमामयी उपस्थिति ने भारत के औद्योगिक एवं ऊर्जा क्षेत्रों को सुदृढ़ बनाने में एकीकृत लागत प्रबंधन एवं वित्तीय नवाचार के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। टीसीए श्रीनिवास प्रसाद, अध्यक्ष–आईसीएमएआई, श्रीमती अरति गांगुली, अध्यक्ष–ईआईआरसी, सुब्रतो बनर्जी, अध्यक्ष–आईसीएमएआई, आसनसोल चैप्टर तथा रामबाबू पाठक, कंपनी सचिव–ईसीएल एवं प्राचार्य–आईसीएमएआई, आसनसोल चैप्टर के अतिरिक्त भी अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में देशभर से कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों, उद्योग संगठनों, शासकीय विभागों, नियामक निकायों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, CMA पेशेवरों, संबद्ध व्यावसायिक संस्थाओं तथा बैंक एवं वित्तीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही। विविध हितधारकों की उपस्थिति ने अंतर-क्षेत्रीय ज्ञान आदान-प्रदान एवं सहयोगात्मक अधिगम को सशक्त बनाया।
राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ पैनलिस्टों की सहभागिता से सम्मेलन में सार्थक विमर्श, व्यावहारिक अंतर्दृष्टि एवं भावी रणनीतियों पर केंद्रित संवाद संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य संगठनों की लचीलापन क्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक दक्षता को सुदृढ़ करना था। इस अवसर पर सम्मेलन स्मारिका का औपचारिक विमोचन भी किया गया, जिसमें प्रख्यात संसाधन व्यक्तियों के विद्वतापूर्ण लेख एवं विचार नेतृत्व संबंधी आलेख संकलित हैं। यह स्मारिका सम्मेलन में हुए बौद्धिक विमर्श का सारगर्भित संकलन है। 45वां कॉस्ट कॉन्फ्रेंस 2026 व्यावसायिक दायित्वों के विकसित होते स्वरूप का प्रतीक है, जो परिवर्तनशील युग में पारदर्शिता, तकनीकी एकीकरण एवं रणनीतिक वित्तीय संरक्षकता को सुदृढ़ करने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।

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