जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेशराम भगत ने आदिवासी समाज से परंपरा संस्कृति बचाने का किया आह्वान

डाला/सोनभद्र । डाला बिल्ली मारकुंडी के बारी स्थित भाऊ देवरस वनवासी कल्याण आश्रम में मंगलवार को गणेशराम भगत,  जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक का आगमन हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आदिवासी भाइयों के बीच हो रहे धर्मांतरण के प्रयासों पर गंभीर चिंता जताई और समाज को सजग व संगठित रहने का आह्वान किया। गणेशराम भगत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आदिवासी समाज की असली पहचान उसकी परंपरा, संस्कृति और रीति रिवाज हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखना जरूरी है।उन्होंने कहा कि बाहरी प्रभावों के चलते आदिवासी समाज को उसकी जड़ों से काटने की सुनियोजित कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे में समाज को समय रहते सचेत होकर इन प्रयासों को समझना और मजबूती से रोकना होगा। उन्होंने आदिवासी समाज से एकजुट रहने, अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और अगली पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़कर रखने की अपील की।कार्यक्रम में शम्भूसिंह गोड, रामलखन, मुकेश जैन, शिवप्रसाद, रामनरायण, सीताराम, शिवतरन, चंद्रावती देवी, विमला, रूकमनीया, जनार्दन, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने भी आदिवासी समाज की परंपरा और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित प्रयासों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

NTPC
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