प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई से किसानों को बहुआयामी लाभ

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना*

NTPC

*स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई से किसानों को बहुआयामी लाभ*

*45 से 55 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान*

*चालू वित्तीय वर्ष में 19306 किसानों का 16154 हेक्टेयर सिंचित*

*ड्रिप सिंचाई प्रणाली – सब्जी, फल, बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी*

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि उत्पादन एवं रकबा बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रयासों से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत राज्य के 19 हजार 306 किसानों को स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली का लाभ दिलाते हुए उनके 16 हजार 154 हेक्टेयर खेती भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इस योजना के तहत लघु सीमांत कृषकों को 55 प्रतिशत तथा दीर्घ किसानों के लिए 45 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे किसान कम लागत में आधुनिक सिंचाई तकनीक का लाभ उठा सकें।

*स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली से पानी की 30 से 40 प्रतिशत तक बचत*

           छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली के उपयोग से फसलों को आवश्यकतानुसार एवं सामान रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे जल की 30 से 40 प्रतिशत तक बचत हो रही है। साथ ही खेतों में जल अपव्यय पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। सीमित जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से खेती अधिक लाभकारी बन रही है।

*फसलों की उत्पादकता में 20 से 30 प्रतिशत वृद्धि दर्ज*

          ड्रिप सिंचाई प्रणाली विशेष रूप से सब्जी, फल, बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है, जबकि स्प्रिंकलर प्रणाली से दलहन, तिलहन एवं अनाज फसलों की उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की जा रही है। किसानों के अनुसार इन प्रणालियों के उपयोग से उपज में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि तथा उर्वरक एवं श्रम लागत में कमी आई है।

*वर्ष 2025-26 में अब तक स्प्रिंकलर के सेट 15 हजार 757 कृषकों के खेतों में 12 हजार 12 हेक्टेयर ड्रिप सिस्टम के 3 हजार 549 कृषकों के खेतों में 3 हजार 942 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापना*

         इस योजना के अंतर्गत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डिज़ाइन अनुमोदन एवं स्थापना में सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों में आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ी है और वे वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। सूखा एवं अल्प वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। कम पानी में अधिक उत्पादन होने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ हो रही है और उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो रही है। वर्ष 2025-26 में अब तक स्प्रिंकलर के सेट 15 हजार 757 कृषकों के खेतों में 12 हजार 12 हेक्टेयर एवं ड्रिप सिस्टम के 3 हजार 549 कृषकों के खेतों में 3 हजार 942 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापना हुई।

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