नकदी फसल, उद्यानिकी, तिल-अरहर की फसलों पर करें विशेष फोकस
रायपुर। आदिम जाति विकास मंत्री तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने आज अपने एक दिवसीय जिला प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शासन की प्राथमिकता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध पूर्णता और आमजन तक वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना रहा।

प्रभारी मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि पुराने बजट में स्वीकृत सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आजीविका मिशन, मखाना उत्पादन, मत्स्य पालन और कृषि से जुड़े विषयों पर जिले की परिस्थितियों के अनुरूप ठोस और व्यावहारिक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। प्राकृतिक खेती की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इसे व्यापक रूप से बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
मंत्री नेताम ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि इस जिले की जलवायु नकदी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, दलहन-तिलहन, सब्जी एवं अन्य नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मखाना की खेती को जिले के लिए संभावनाशील बताते हुए इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ करने तथा कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र को संयुक्त रूप से तिल एवं अरहर की खेती को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री नेताम ने पशुधन विकास एवं मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में उन्होंने कुक्कुट पालन, बकरी पालन, सूकर पालन और मत्स्य पालन को ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया और अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता से जोड़ने पर बल दिया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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