साइबर जागरूकता से ही धोखाधड़ी पर लगाम संभव – उमाशंकर द्विवेदी

सोनभद्र। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रथम एवं तृतीय की ओर से आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर (दिन- रात) के पांचवें दिन 15 मार्च  को ‘‘साइबर जागरूकता‘‘ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता आईटी सेल एनटीपीसी शक्तिनगर के उमाशंकर द्विवेदी ने साइबर सुरक्षा से संबंधित विशिष्ट तथ्यों पर स्वयंसेवकों के साथ जानकारी साझा किया। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम के बढ़ते घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए साइबर जागरूकता ही एक प्रभावी कदम है। साइबर जागरूकता से साइबर यूजर्स को किसी भी प्रकार के ट्रिपिंग से आसानी से बचाया जा सकता है और अनेक प्रकार के उनके साथ होने वाले धोखाधड़ी पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक इस तरह की  जागरूकता कार्यक्रमों से अपने आसपास के नागरिकों को  इसके लिए अवश्य जागरूक करें। कार्यक्रम अधिकारी डॉ० छोटे लाल प्रसाद ने साइबर क्राइम को एक महामारी की तरह बताया जो आए दिन हमारे सामाजिक जीवन में किसी न किसी रूप में घटित हो रही है। इसलिए स्वयंसेवक इसके खिलाफ अभियान चलाने का संकल्प ले रहे हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ० विनोद कुमार पाण्डेय ने शिविर के 100 स्वयंसेवकों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के संबंध में जानकारी दी एवं साइबर स्वच्छता केंद्र (सर्ट-इन) के संबंध में अवगत होने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवक हिमांशु गुप्ता ने अतिथि का स्वागत किया और स्वयंसेविका अंजना आपूर्ति ने सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर के द्वितीय सत्र में स्वयंसेवकों ने दहेज प्रथा के खिलाफ  जन जागरूकता के तहत एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक का केंद्र बालिका सशक्तिकरण का संदेश स्थानीय नागरिकों को संप्रेषित करना था। इस कार्यक्रम में निशा, सोनम, प्रीति, कुमारी, खुशी, दिव्या, पल्लवी, मार्था, प्रिया, चांदनी, पूजा, आशुतोष सिंह, अंतिमा, साहिल का योगदान महत्वपूर्ण रहा।

NTPC
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