भाषा ठंडे पानी की धार की तरह होती है, जो सहज रूप से प्रवाहित होती है – श्रीमती सरिता कौल
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की नराकास(उपक्रम), गाजियाबाद की छमाही बैठक का आयोजन
दिल्ली। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की नराकास(उपक्रम), गाजियाबाद की छमाही बैठक का आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज 30 जुलाई, 2025 को सेन्ट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेेड, 4, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद में किया गया । इस बैठक में नराकास(उपक्रम), गाजियाबाद के अर्न्तगत आने वाले 21 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/कार्यालयाें के प्रमुख एवं राजभाषा अधिकारी/प्रभारी सम्मिलित हुुए । केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन कारपोरेशन लिमिटेड से कोई प्रतिनिधी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाऐं ।
बैठक का प्रारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया । परिचय के बाद सदस्य सचिव नराकास ललित भूषण ने अध्यक्ष की अनुमिति से बैठक की कार्यवाही प्रारम्भ की । उन्होनें एएलटी सैन्टर गाजियाबाद मे 20 दिसम्बर, 2024 को सम्पन्न हुई पिछली बैठक का कार्यवृत्त सभी को पढकर सुनाया जिसकी सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि के साथ पुष्टि की ।

अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, सीईएल, चेतन प्रकाश जैन द्वारा अपने विचाार व्यक्त करते हुए कहा कि ” यह बडी हीे विडम्बना की बात है कि भारत वर्ष में आजादी के इतने वर्षों बाद भी अपनी राजभाषा के ही प्रचार प्रसार के लिए बैठकें करनी पड रहीं है । प्रत्येक व्यक्ति अंग्रेजी में बात करना अपने गौरव की बात समझता है। हमारा समाज में भी हिन्दी बोलने वाले व्यक्ति को दोयम दर्जे का समझा जाता है । हमें सर्वप्रथम इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है। इसे बदलने से हिन्दी की आधी समस्याऐं अपने आप हल हो जायेंगी । यह क्षेत्र राजभाषा के हिसाब से क क्षेत्र में अधिसूचित है इसलिए हमको चाहिए कि हम अपना कार्यालयी कार्य अधिकतम रूप से हिन्दी अथवा द्विभाषी में करें” ।
नराकास (उपक्रम), गाजियाबाद के अध्यक्ष डाॅॅ. मनीष शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय भाषण में अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, सीईएल, चेतन प्रकाश जैन के विचारों का पूर्ण रूप से समर्थन किया एवं अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार यूएसए में रहने वाले उनके पुत्र द्वारा उनको अंग्रेजी भाषामें कुछ नोट्स भेजे एवं उनका हिन्दी अनुवाद करके वापस भेजने के लिए कहा जिसको उनको हिन्दी रूपान्तरण करके भेजा गया । उन्होनें कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों पर हिन्दी के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अधिक है ।
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने अपनी समीक्षा में बताया कि नराकास गाजियाबाद को अभी तक कोई भी राजभाषा पुरस्कार न मिलने का कारण यह है कि अभी भी कछ कार्यालय धारा 3(3) एवं धारा 5 का अनुपालन ठीक प्रकार नहीं कर रहें है जिसके कारण पूरें नराकास के अंक कम हो जाते है । उन संस्थानों ने आश्वासन दिया कि वे इसमें सुधार करेंगें ।
कार्यकारी निदेशक सीईएल श्रीमती सरिता कौल ने अपने समापन भाषण में अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, सीईएल श्री जैन को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन के कारण ही आज सीईएल इस अर्द्धवार्षिक बैठक का आयोजन अपने संस्थान में कर पाया। उन्होनें विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से आये हुए सभी अधिकारियों का भी धन्यवाद किया उन्होनें कहा कि संविधान के अनुच्छेद 343 में स्पष्ट रूप से संघ की राजभाषा हिंदी को घोषित किया गया है। राजभाषा के पद और प्रतिष्ठा को और भी सुदृढ़ करने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है । हिंदी हमारे देश का गौरव है और विश्व में हमारी पहचान है। हमें हिंदी में प्रवीणता और कुशलता को अपनाना चाहिए। भाषा ठंडे पानी की धार की तरह होती है, जो सहज रूप से प्रवाहित होती है। आज न केवल भारत में बल्कि विश्व भर में हिंदी का प्रचार-प्रसार बढ़ रहा है और उसकी वैश्विक स्थिति मजबूत हो रही है।
राजभाषा की छमाही बैठक में आए हुुुए सभी अधिकारियों को सीईएल की तरफ से तिलक लगाकार पटका पहनाया गया तत्पश्चात पौधे भेंट कर हरित स्वागत किया गया । राष्ट्रगान के बाद बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई । सीईएल की ओर से सभी आगन्तुकों को भोजन की व्यवस्था भी की गई । सी ई एल की ओर से रजत गर्ग, महाप्रबंधक (मानव संसाधन), सत्यम सिंह, महाप्रबंधक, अनुपम त्यागी, महाप्रबंधक, पंकज खन्ना, महाप्रबंधक (वित्त), विकास त्यागी, उप महाप्रबंधक, कृष्ण वीर सिंह सदस्य/ सचिव राजभाषा, एवं सीईएल राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सभी सदस्य भी उपस्थित रहे।
