प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को परिवर्तन का सहभागी बनना होगा, ताकि संगठन तेज, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बन सके – सीएमडी जे. पी. द्विवेदी

वेकोलि आने वाले समय में उच्च प्रदर्शन करने वाला, भविष्य के लिए तैयार संगठन बनकर उभरेगा – बिक्रम घोष
नागपुर।ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के दृषिगत वेकोलि में आज दिनांक 23 जनवरी, 2026 को चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इस चिंतन शिविर का उद्देश्य वेकोलि को भारत देश के ‘विज़न 2047’ के अनुरूप तैयार करना था। इस चिंतन शिविर में कंपनी की उपलब्धियों की समीक्षा, उत्पादन, डिस्पैच, सेफ्टी, कॉस्ट एफिशिएंसी, सस्टेनेबिलिटी और डिजिटाइजेशन को सुदृढ़ करने के लिए स्पष्ट एवं समयबद्ध एक्शन प्लान पर मंथन करना था।
इस अनूठी और दूरदर्शी पहल का नेतृत्व वेकोलि के सीएमडी जे. पी. द्विवेदी ने किया। उनके साथ निदेशक (वित्त) बिक्रम घोष, निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. हेमंत शरद पांडे एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय मधुकर म्हेत्रे की उपस्थिति रही।
शिविर में मुख्यालय एवं सभी 10 संचालित क्षेत्रों से लगभग 125 अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें क्षेत्रीय महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं युवा अधिकारियों शामिल थे। इस अवसर पर सीएमडी जे. पी. द्विवेदी ने कहा कि कोयला खनन क्षेत्र में वेकोलि को देश के ‘विज़न 2047’ के अनुरूप बनाने के लिए कोयला खनन में नई तकनीकी का प्रयोग, कोयले की उत्कृष्ट गुणवत्ता तथा परिचालन दक्षता अत्यंत आवश्यक है। द्विवेदी ने कहा कि वेकोलि में उत्पादकता बढ़ाने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने, यंत्रीकरण को प्रोत्साहित करने तथा नवीन तकनीकों को अपनाकर परिचालन दक्षता को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, लागत प्रभावी खनन पर विशेष ध्यान देते हुए संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और अनावश्यक व्यय पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने परिवर्तन प्रबंधन की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को परिवर्तन का सहभागी बनना होगा, ताकि संगठन तेज, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बन सके।
अपने संबोधन में निदेशक (वित्त) बिक्रम घोष ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयास, सकारात्मक सोच और नवाचार के माध्यम से वेकोलि आने वाले समय में उच्च प्रदर्शन करने वाला, भविष्य के लिए तैयार संगठन बनकर उभरेगा।
निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. हेमंत शरद पांडे ने वेकोलि की वर्त्तमान तथा भविष्य की योजनाओं के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने बदलते परिपेक्ष्य में वेकोलि में बड़े स्तर पर आयटी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इस अवसर पर मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय मधुकर म्हेत्रे ने भी अपने विचार रखे। चिंतन शिविर के दौरान विभिन्न क्षेत्रीय महाप्रबंधकों द्वारा कुल 10 पीपीटी प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसमें वर्ष 2047 के लिए कंपनी की योजना, अंडरग्राउंड प्रोडक्शन प्लान, क्वालिटी कंट्रोल, डिस्पैच, एफ़एमसी, सेफ़्टी, भू-अधिग्रहण एवं पुनर्स्थापन, पर्यावरण एवं वन स्वीकृति, डिजिटाइजेशन/एआई का प्रयोग, मानव संसाधन, फाइनेंस, कांट्रैक्ट मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल रहे। प्रत्येक सत्र के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सीएमडी, सभी निदेशक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी ने सक्रिय रूप से भाग लिया। खुले मंच पर विचार एवं सुझाव पर विस्तार से चर्चा की गई।

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