एनटीपीसी सिंगरौली में कर्मचारी विकास केंद्र एवं टाइनी टॉट्स,वनिता समाज में सरस्वती पूजन का भव्य आयोजन

सोनभद्र। एनटीपीसी सिंगरौली में विद्या, ज्ञान, संगीत एवं कला की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के पावन अवसर पर कर्मचारी विकास केंद्र एवं टाइनी टॉट्स, वनिता समाज परिसर में सरस्वती पूजन का श्रद्धापूर्वक एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, शिक्षा तथा ज्ञान की परंपरा को सुदृढ़ करते हुए नई पीढ़ी में संस्कार एवं सकारात्मक मूल्यों का संचार करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  संदीप नायक, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती प्रज्ञा नायक, अध्यक्षा, वनिता समाज,  सी. एच. किशोर कुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) तथा श्री रश्मि रंजन मोहंती, महाप्रबंधक (परियोजना) की उपस्थिति रही।

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इस अवसर पर  सिद्धार्थ मंडल, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एवं  डी. सी. गुप्ता, अपर महाप्रबंधक (टीएडी) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। साथ ही कार्यक्रम में वनिता समाज की सदस्याओं, मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों तथा यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का सहयोग एवं सहभागिता अत्यंत सराहनीय रहा।

पूजन कार्यक्रम विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। उपस्थित अतिथिगणों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर संस्थान, कर्मचारियों एवं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु मंगलकामना की गई। टाइनी टॉट्स के बच्चों एवं उपस्थित सदस्यों ने भक्ति एवं सांस्कृतिक भावनाओं से परिपूर्ण वातावरण में सहभागिता करते हुए आयोजन को अत्यंत प्रेरणादायी बनाया। इस अवसर पर टाइनी टॉट्स में बच्चों के उपयोग हेतु निर्मित एक शेड का भी मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अतिथिगणों द्वारा विधिवत उद्घाटन किया गया।

मुख्य अतिथि संदीप नायक ने अपने संदेश में कहा कि सरस्वती पूजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन एवं निरंतर सीखने की प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी जैसे संगठन की प्रगति का आधार “ज्ञान-विकास, कौशल उन्नयन और मानव संसाधन की निरंतर क्षमता वृद्धि” है, जिसके लिए कर्मचारी विकास केंद्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनिता समाज द्वारा टाइनी टोट्स जैसे सामाजिक एवं शैक्षणिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में संस्कार, शिक्षा एवं सृजनात्मकता का विकास राष्ट्र-निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। अध्यक्षा वनिता समाज श्रीमती प्रज्ञा नायक ने कहा कि टाइनी टॉट्स में सरस्वती पूजन का उद्देश्य बच्चों के भीतर शिक्षा के प्रति सम्मान, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने सभी सहयोगी सदस्यों, यूनियन एवं एसोसिएशन तथा मानव संसाधन विभाग का आभार व्यक्त किया, जिनके समन्वय से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।  पूरे आयोजन में श्रद्धा, शांति एवं उल्लास का वातावरण रहा। कार्यक्रम का समापन माँ सरस्वती से समस्त उपस्थित जनों के ज्ञानवर्धन, प्रगति एवं कल्याण की प्रार्थना के साथ किया गया।

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