सोनभद्र। आदिवासी महिला की जमीन कब्जाने के आरोप में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने चोपन थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी (सीओ) से कराकर उसकी रिपोर्ट न्यायालय को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह आदेश कोटा, थाना चोपन निवासी मनतोरा देवी पत्नी राम सिंह द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र पर दिया गया। मनतोरा देवी ने अपने अधिवक्ता सीपी द्विवेदी और आनंद ओझा के माध्यम से अदालत में 173(4) बीएनएसएस के तहत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि वह अनुसूचित जनजाति की महिला है। उसकी जमीन हड़पने के उद्देश्य से कोटा निवासी कामेश्वर जायसवाल, अनिल जायसवाल और सुनील जायसवाल ने 3 जुलाई 2008 को पांच-पांच रुपये के स्टाम्प पर टाइप किए गए फर्जी कागजात तैयार कर उसकी मां फुलेसरी का नकली अंगूठा निशान लगा लिया। आरोप है कि इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर कब्जा कर लिया गया।महिला का कहना है कि 11 जनवरी 2026 की शाम जब उसने इस संबंध में पिता-पुत्रों से शिकायत की तो उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली दी और जान से मारने की धमकी भी दी।पीड़िता के अनुसार उसने इस मामले की शिकायत थाने और पुलिस अधीक्षक को भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपों को गंभीर मानते हुए चोपन इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज करने और मामले की विवेचना सीओ से कराने का आदेश दिया है। साथ ही जांच का परिणाम न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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