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अपने पद का इस्तेमाल निजी संपत्ति संचय में करना, राष्ट्र के साथ विश्वासघात से कम नहीं है-सी॰ एम॰ जैन दमन और दीव भारत में भ्रष्टाचार की कहानियों की कभी कमी नहीं रही, लेकिन कुछ मामले अपनी निडरता, व्यापकता और बेशर्मी के कारण बाकियों से कहीं आगे निकल जाते हैं। डीएनएच और डीडी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत समीर किशोरकुमार पांड्या की कहानी ऐसा ही एक मामला है। संदिग्ध भूमि सौदों और अस्पष्ट जीवनशैली विकल्पों की अफवाहों से शुरू हुआ यह मामला समय के साथ आय से अधिक संपत्ति, बेनामी लेनदेन, मिलीभगत से धोखाधड़ी और सरकारी पद के दुरुपयोग की ओर इशारा करने वाले…
