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रायपुर, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब कागजों से निकलकर जमीन पर असर दिखा रही हैं। खासतौर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं ने ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के नए रास्ते खोले हैं। इन योजनाओं से जुड़कर किसान न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। ऐसी ही एक मिसाल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम हरिगंवा के किसान मुन्नालाल गोलदार हैं। वाड्रफनगर विकासखंड के हरिगंवा गांव निवासी मुन्नालाल गोलदार पहले पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, जिससे सीमित आमदनी हो पाती थी। लेकिन जब उन्होंने मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन में शासन…
