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  • सीएमडी बीसीसीएल ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी सहभागिता की

    सीएमडी बीसीसीएल ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी सहभागिता की

    धनबाद / नेयवेली में एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘मूविंग बियॉन्ड एक्सट्रैक्शन: माइन क्लोज़र एंड रिपर्पज़िंग’ का आज समापन हुआ। दो-दिवसीय इस कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी द्वारा किया गया, जिसमें खनन क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने व्यापक रूप से भाग लिया। अपने संबोधन में मंत्री  जी. किशन रेड्डी ने इस बात पर बल दिया कि वैज्ञानिक एवं नियोजित माइन क्लोज़र की रूपरेखा खनन के आरंभिक चरण से ही तैयार की जानी चाहिए, जिससे खदान बंदी केवल एक औपचारिक प्रक्रिया न होकर स्थानीय समुदायों, पर्यावरण और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं के लिए नई राह का निर्माण करे। कोयला मंत्रालय के सचिव  विक्रम देव दत्त ने कार्यशाला को एक दूरदर्शी पहल बताते हुए माइन रिपर्पज़िंग की अवधारणा को देश में बढ़ते पर्यावरणीय दायित्व और समुदाय–केन्द्रित विकास मॉडल से जोड़ते हुए इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम में सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की। दो दिवसीय इस कार्यशाला में माइन क्लोज़र नीति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन, समुदाय भागीदारी, पुनर्प्रयोजन मॉडल तथा अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी, बीसीसीएल सहित अन्य सीपीएसई के प्रतिनिधिगण तथा टीएमसीपी माइंस, बीसीसीएल के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। दो-दिवसीय यह राष्ट्रीय कार्यशाला माइन क्लोज़र एवं सतत खनन के क्षेत्र में ज्ञान–विनिमय और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने चांच-विक्टोरिया क्षेत्र का किया औचक निरीक्षण

    सीएमडी बीसीसीएल ने चांच-विक्टोरिया क्षेत्र का किया औचक निरीक्षण

    धनबाद। सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने आज सीवी एरिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया और कर्मियों के बीच संगठनात्मक अनुशासन, पेशेवर जवाबदेही और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ रूप से रेखांकित किया। प्रातः प्रथम पाली के आरंभ में ही सीएमडी एरिया कार्यालय पहुँचे और हाजिरी एवं कार्यप्रणाली की प्रत्यक्ष समीक्षा की। उन्होंने हाजिरी रजिस्टर की जाँच की और अनुपस्थित पाए गए कर्मियों के संदर्भ में जीएम (सीवी एरिया) एस.बी. कुमार को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिए।

    इसके बाद श्री अग्रवाल ने वॉशरी, वेब्रिज और खदानों सहित विभिन्न परिचालन इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित इकाइयों में भी हाजिरी रजिस्टर की जाँच की और उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा की। दहीबाड़ी वॉशरी में उन्होंने वर्तमान फीड एवं यील्ड स्तरों पर विस्तृत समीक्षा की और प्रदर्शन में और सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रतिदिन 4400 टन क्षमता के अनुरूप फीड सुनिश्चित करने तथा डिज़ाइन मानकों के अनुसार निर्धारित यील्ड प्राप्त करने को परिचालन दक्षता के लिए अनिवार्य बताया।

    निरीक्षण के दौरान श्री अग्रवाल ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समयबद्ध उपस्थिति, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पूर्ण अनुपालन की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता, आपसी समन्वय और जवाबदेही ही उत्पादन एवं ऑफटेक लक्ष्यों की प्राप्ति का आधार हैं। उन्होंने टीम को सकारात्मक ऊर्जा और सहयोगात्मक दृष्टिकोण के साथ उत्कृष्ट परिणाम देने के लिए प्रेरित किया। यह औचक निरीक्षण न केवल नेतृत्व की सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि बीसीसीएल अपने सभी परिचालन क्षेत्रों में अनुशासन, सुरक्षा और दक्षता को उच्चतम प्राथमिकता देने हेतु प्रतिबद्ध है।

  • बीसीसीएल में कर्मियों की जन्मतिथि में  एकमुश्त सुधार की प्रक्रिया प्रारंभ

    बीसीसीएल में कर्मियों की जन्मतिथि में  एकमुश्त सुधार की प्रक्रिया प्रारंभ

    धनबाद।भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) द्वारा कम्पनी में कार्यरत कर्मियों की जन्मतिथि (Date of Birth – DOB) के अभिलेखों को पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल प्रारंभ की गई है। 28.02.2025 को आयोजित 15वीं QSM बैठक के कार्यवृत्त के आलोक में यह निर्णय लिया गया है कि सभी कर्मियों की जन्मतिथि उनके वेतन पर्चे (पे-स्लिप) में प्रदर्शित की जाएगी तथा यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसके लिए एकमुश्त आपत्ति दर्ज कराने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

    मुख्यालय स्तर पर गठित समिति की संस्तुतियों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। इसके अनुसार निम्न प्रक्रिया निर्धारित की गई है –

    फरवरी 2026 माह (मार्च 2026 में देय) के वेतन पर्चे में सभी गैर-अधिकारी कर्मियों की जन्मतिथि ‘Provisional – DD.MM.YYYY’ के रूप में अंकित की जाएगी। ईआरपी सेल द्वारा सभी आवश्यक तकनीकी प्रावधान सुनिश्चित किए जाएंगे।

    1 मार्च 2026 के फाइनल रन के तुरंत बाद फ़रवरी 2026 की वेतन पर्चियां मुद्रित की जाएंगी तथा एक सप्ताह के भीतर संबंधित कर्मियों को वितरित की जाएंगी। वितरण के समय प्रत्येक कर्मचारी से एक विशेष पंजिका (स्पेशल पर्पस फिजिकल रजिस्टर) में हस्ताक्षर एवं तिथि अंकित कर प्राप्ति सुनिश्चित की जाएगी। विभिन्न इकाइयों/प्रतिष्ठानों के लिए पृथक रजिस्टर होंगे।

    वेतन पर्ची के साथ प्रत्येक कर्मचारी को द्विभाषीय औपचारिक नोटिस भी प्रदान किया जाएगा, जिसमें जन्मतिथि से संबंधित आपत्ति (यदि कोई हो तो) प्रस्तुत करने का आमंत्रण होगा। नोटिस की प्राप्ति भी उसी विशेष रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। साथ ही यह सूचना सभी सूचना पटों एवं प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी।

    इकाई मानव संसाधन अधिकारी (कोलियरी के लिए), क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधक (क्षेत्रों के लिए), प्रतिष्ठान प्रमुख(वर्कशाप आदि के लिए) एवं मुख्यालय के कर्मचारी स्थापना विभाग की यह जिम्मेदारी होगी कि प्रत्येक कर्मचारी को वेतन पर्ची एवं नोटिस व्यक्तिगत रूप से प्राप्त हो।

    कर्मियों को जन्मतिथि संबंधी आपत्ति दर्ज कराने हेतु डेढ़ माह (1.5 माह) का एकमुश्त अवसर प्रदान किया गया है। सभी आपत्तियां 15.04.2026 तक लिखित रूप में, वैध दस्तावेजी साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करनी होंगी।

    15.04.2026 के बाद किसी भी परिस्थिति में जन्मतिथि संबंधी आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।

    साथ ही संबंधित मानव संसाधन अधिकारी सभी मामलों की स्वयं भी जांच करेंगे तथा यदि कोई विसंगति पाई जाती है, तो उसे संकलित करेंगे, भले ही कर्मचारी द्वारा आपत्ति न उठाई गई हो।

    प्राप्त सभी आपत्तियों को विशेष प्रयोजन रजिस्टर में क्रमवार दर्ज किया जाएगा। अंतिम तिथि के पश्चात रजिस्टर के अंतिम पृष्ठ को सील और प्राप्त कुल अभ्यावेदनों की संख्या एवं सारांश के साथ विधिवत बंद कर 16.04.2026 को औद्योगिक संबंध विभाग को प्रेषित किया जाएगा।

    इकाई मानव संसाधन प्रबंधक द्वारा सभी मामलों की चेकलिस्ट तैयार कर 16.07.2026 तक संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को अग्रेषित किया जाएगा। मुख्यालय के मामलों में NEE विभाग द्वारा HOD (औद्योगिक संबंध) को प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

    जन्म-तिथि विसंगति के संबंध में क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति (मानव संसाधन विभाग से एक, वित्त से एक तथा मानव संसाधन एवं वित्त विभाग के अतिरिक्त किसी अन्य विभाग के एक अधिकारी) गठित की जाएगी, जो दस्तावेजों का परीक्षण कर संस्तुति देगी। यह प्रक्रिया 31.08.2026 तक पूर्ण की जाएगी।

    इसके पश्चात औद्योगिक संबंध विभाग में नामित DOB समिति सभी मामलों की अंतिम जांच कर सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करेगी। प्राप्ति की तिथि से दो माह के भीतर प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

    जिन मामलों का अंतिम निपटारा हो जाएगा, उनके वेतन पर्चे से ‘Provisional’ शब्द हटाकर जन्मतिथि को अंतिम रूप से अंकित कर दिया जाएगा।

    बीसीसीएल प्रबंधन ने सभी कर्मियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी वेतन पर्ची में अंकित जन्मतिथि का सावधानीपूर्वक अवलोकन करें तथा आवश्यकता होने पर नियमानुसार आपत्ति प्रस्तुत करें। यह अवसर एकबारगी प्रदान किया जा रहा है।

  • दीक्षा महिला मंडल,बीसीसीएल द्वारा दिव्यांग बच्चों के बीच हियरिंग ऐड का वितरण

    दीक्षा महिला मंडल,बीसीसीएल द्वारा दिव्यांग बच्चों के बीच हियरिंग ऐड का वितरण

    धनबाद।दीक्षा महिला मंडल, बीसीसीएल द्वारा आज अन्नपूर्णा हॉल, कोयला नगर में धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों के दिव्यांग बच्चों के बीच मैनुअल हियरिंग ऐड डिवाइस का वितरण किया गया।

    कार्यक्रम में दीक्षा महिला मंडल अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल, उपाध्यक्ष पूर्बिता रमैया तथा नीता कुमार ने संयुक्त रूप से बच्चों के बीच हियरिंग ऐड का वितरण किया तथा उन्हें श्रव्य-सहायक यंत्र सौंपे। दीक्षा महिला मंडल की अन्य सभी सम्मानित सदस्याएँ भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।

    अपने संबोधन में अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने कहा कि दीक्षा महिला मंडल सदैव समाजोपयोगी एवं जनहितकारी गतिविधियों में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक अक्षमता, विशेषकर श्रवण एवं वाणी संबंधी समस्याएँ, व्यक्ति के जीवन को कष्टकर तथा असहज बना देती हैं। ऐसे में हमारा उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को यथासंभव सहयोग एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि प्रभावित लोगों  का जीवन अधिक सहज, सुगम एवं सम्मानजनक बन सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी दीक्षा महिला मंडल इसी प्रकार की जनसेवी पहलों को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा।

    कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुआ, जिसके उपरांत बच्चों को हियरिंग ऐड प्रदान किए गए। समारोह का विशेष आकर्षण दिव्यांग बच्चों द्वारा भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रस्तुत राष्ट्रगीत – ‘वंदे मातरम्’ एवं राष्ट्रगान – ‘जन गण मन’ रहा, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों को भावविभोर कर दिया। इसी क्रम में बच्चों ने संथाली गीत – ‘हमार छोटानागपुर’ पर भी एक आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसकी सभी ने सराहना की।

    कार्यक्रम में सीएमओ, सीएचडी डॉ. बंदना, वरीय चिकित्सा विशेषज्ञ (ईएनटी) डॉ. प्रदीप कुमार तिवारी, कोयला भवन मुख्यालय के अन्य वरीय अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

    धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक (सीएसआर)  अभिजीत मित्रा तथा मंच संचालन उप-प्रबंधक (सीएसआर) शमरेज अली ने किया।

  • धनबाद के 80 सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब स्थापित करने हेतु बीसीसीएल तथा एडसिल के बीच एमओयू

    धनबाद के 80 सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब स्थापित करने हेतु बीसीसीएल तथा एडसिल के बीच एमओयू

    धनबाद। कोयला भवन मुख्यालय में आज बीसीसीएल और एडसिल इंडिया लिमिटेड (EdCIL India Limited) के बीच ‘धनबाद के 80 सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम एवं आईसीटी लैब स्थापना’ परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर संपन्न हुआ। अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया, विभागाध्यक्ष (सीएसआर)  सुरेंद्र भूषण तथा एडसिल के सीजीएम (डीईएस) डॉ. पवन कुमार शर्मा उपस्थित रहे। परियोजना का उद्देश्य धनबाद क्षेत्र के वंचित एवं दूरस्थ इलाकों के छात्रों के लिए आधुनिक, तकनीक-समृद्ध  शैक्षणिक वातावरण को सुलभ बनाना है। स्मार्ट कक्षाओं और आईसीटी प्रयोगशालाओं की स्थापना से न केवल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छात्रों में सीखने की रुचि, उपस्थिति तथा शैक्षणिक परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार की अपेक्षा है। यह पहल ग्रामीण एवं शहरी सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को और अधिक आकर्षक, प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाएगी।

    अवसर पर अपने संबोधन में सीएमडी,  मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला है। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है, जिससे उन्हें आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएँ सहज एवं सुलभ रूप में प्राप्त होंगी, उनकी प्रतिभा का समुचित विकास होगा और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में अधिक सक्षम बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उल्लेखनीय है कि विगत कुछ वर्षों के दौरान बीसीसीएल ने अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से शिक्षा एवं कौशल विकास पर निरंतर सकारात्मक प्रयास किया है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सके तथा धनबाद के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को स्थायी गति मिल सके। एमओयू हस्ताक्षर के साथ ही परियोजना के क्रियान्वयन की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जिससे जल्द ही धनबाद के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत हो सकेगी।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने ऐना कोलियरी, कुसुंडा में उत्पादन वाहनों के नए बेड़े को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    सीएमडी बीसीसीएल ने ऐना कोलियरी, कुसुंडा में उत्पादन वाहनों के नए बेड़े को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    धनबाद। सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल ने आज ऐना कोलियरी, कुसुंडा के आर.के अर्थ रिसोर्सेज प्रा. लि. द्वारा संचालित डी.ई पैच में 35 टन क्षमता वाले 05 टिपर्स (हाइवा वाहनों) तथा 3.2 क्यूबिक मीटर बकेट क्षमता वाली एक एक्सकेवेटर (शॉवेल) मशीन के नवनिर्मित बेड़े का विधिवत उद्घाटन किया तथा हरी झंडी दिखाकर वाहनों को संचालन हेतु रवाना किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (कुसुंडा क्षेत्र) निखिल त्रिवेदी, महाप्रबंधक (उत्खनन) कुसुंडा,  ए. के. सिंह, परियोजना पदाधिकारी (कुसुंडा)  बी. के. झा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी तथा आर.के अर्थ रिसोर्सेज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    अपने संबोधन में सीएमडी  मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि नया मशीनरी बेड़ा क्षेत्र में कंपनी की उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिचालन दक्षता और सुरक्षा मानकों को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल सतत रूप से तकनीकी आधुनिकीकरण, गुणवत्ता बनाए रखने तथा खनन संचालन में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता, सुरक्षित कार्य-संस्कृति और आधुनिक उपकरणों के उपयोग से कंपनी अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकेगी।
    उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल द्वारा उत्पादन क्षमता के विस्तार तथा कोयला गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनवरी माह में मुनीडीह कोल वाशरी की एनालिटिकल प्रयोगशाला को परीक्षण (टेस्टिंग) के क्षेत्र में ISO/IEC 17025:2017 मानक के अनुरूप नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) द्वारा मान्यता प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त, 2 MTPA क्षमता वाली भोजूडीह वाशरी का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया जा चुका है, तथा 15 MTPA क्षमता वाली ब्लॉक–E परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया को वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्था अपने संस्थागत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता-आधारित कार्य-संस्कृति के विकास, तथा प्रौद्योगिकी-सहायक खनन प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

  • भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के एंकर इन्वेस्टर्स मीट में साझा किए गए प्रमुख व्यावसायिक अपडेट्स

    भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के एंकर इन्वेस्टर्स मीट में साझा किए गए प्रमुख व्यावसायिक अपडेट्स

    धनबाद: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के एंकर इन्वेस्टर्स मीट में कंपनी से जुड़े प्रमुख व्यावसायिक अपडेट्स साझा किए। इन अपडेट्स में उत्पादन क्षमता विस्तार, मूल्यवर्धन तथा कोकिंग कोल क्षेत्र में कंपनी की दीर्घकालिक स्थिति को सुदृढ़ करने से संबंधित महत्वपूर्ण पहलें शामिल हैं।

    प्रमुख क्षमता विस्तार – ब्लॉक-E (15 एमटीपीए)

    कंपनी के दीर्घकालिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 15 एमटीपीए क्षमता वाली ब्लॉक-E परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया चालू वित्तीय वर्ष के भीतर निर्धारित की गई है। परियोजना के कमीशन होने के पश्चात बीसीसीएल के कुल उत्पादन में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि होने की अपेक्षा है। इससे कंपनी का कोकिंग कोयला पोर्टफोलियो और अधिक मजबूत होगा तथा घरेलू इस्पात क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्था को बल मिलेगा।

    निवेशकों को यह भी जानकारी दी कि 2 एमटीपीए क्षमता वाली भोजूडीह वॉशरी का सफलतापूर्वक संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। यह वॉशरी आगामी दो से तीन सप्ताह के भीतर अपनी पूर्ण उत्पादन क्षमता पर पहुँचने की अपेक्षा है। इसके परिचालन से कंपनी के वॉश्ड कोयले के उत्पादन में वृद्धि होगी, बेहतर मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित होगी तथा डाउनस्ट्रीम इस्पात क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण वॉश्ड कोकिंग कोयले की आपूर्ति में सहायता मिलेगी।

    इन प्रमुख व्यावसायिक पहलों के माध्यम से भारत कोकिंग कोल लिमिटेड परिचालन दक्षता बढ़ाने, उत्पादन क्षमता में विस्तार करने और अपने मुख्य कोकिंग कोल व्यवसाय को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी देश की बढ़ती औद्योगिक एवं अवसंरचना आवश्यकताओं को समर्थन देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

  • फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत भूली क्षेत्रीय अस्पताल, बीसीसीएल में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  अभियान का आयोजन

    फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत भूली क्षेत्रीय अस्पताल, बीसीसीएल में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान का आयोजन

    (स्वास्थ्य शिविर में बीपी एवं हाइपरटेंशन की निःशुल्क जाँच)

    धनबाद। बीसीसीएल द्वारा देशव्यापी फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज भूली क्षेत्रीय अस्पताल में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों, बीसीसीएल कर्मियों, उनके परिजनों तथा अन्य नागरिकों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई गईं तथा उनका निःशुल्क वितरण किया गया।

    कार्यक्रम के साथ ही मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में लाभार्थियों के बीपी एवं हाइपरटेंशन की निःशुल्क चिकित्सीय जाँच की गई तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक परामर्श प्रदान किए गए।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया ने की। इस अवसर पर महाप्रबंधक (प्रशासन) अर्पण घोष, विभागाध्यक्ष (कल्याण) श्रीमती किरण रानी नायक, चिकित्सा अधिकारी (भूली आरएच) डॉ. अभिजीत कुमार सहित भूली क्षेत्रीय अस्पताल के अन्य चिकित्सक, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ, अधिकारी तथा कर्मी उपस्थित रहे।

    अभियान के अंतर्गत आज दो सौ से अधिक लोगों के बीच डीईसी एवं ऐलबेन्डाज़ोल टैबलेट का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित लाभार्थियों के बीपी एवं हाइपरटेंशन की जाँच कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में भूली क्षेत्रीय चिकित्सालय के प्रेम नारायण सिंह, विनोद सिंह सहित अन्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे जिले में 11 से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा वितरण सुनिश्चित करेंगे। इसी क्रम में भूली क्षेत्रीय अस्पताल के कर्मियों द्वारा भी आज व्यापक स्तर पर दवा वितरित की गई ।

  • बीसीसीएल में केंद्रीय सलाहकार समिति की समन्वय बैठक का आयोजन

    बीसीसीएल में केंद्रीय सलाहकार समिति की समन्वय बैठक का आयोजन

    धनबाद। कोयला भवन मुख्यालय बीसीसीएल केंद्रीय सलाहकार समिति (सीसीसी बोर्ड) सदस्यों के साथ एक समन्वय बैठक का आयोजन हुआ। अध्यक्षता सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने की। अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया, ओएसडी/वित्त,  राजेश कुमार, महाप्रबंधक (समन्वय)  धनराज आखरे, महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  कुमार मनोज, महाप्रबंधक (प्रशासन)  अर्पण घोष, विभागाध्यक्ष (सीएसआर/औद्योगिक संबंध)  सुरेन्द्र भूषण सहित कोयला भवन मुख्यालय के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बीसीसीएल सीसीसी बोर्ड के सम्मानित सदस्यगण आर.तिवारी (बीसीएमयू),  अर्जुन सिंह (केआईएमपी),  भौमिक महतो (डीसीकेएस),  गोपाल मिश्रा (जेएमएस),  हरि प्रसाद पप्पू (बीसीकेयू) तथा  भवानी बंधोपाध्याय (यूसीडब्लूयू) ने अपनी सहभागिता की। बैठक में आगामी 12 फरवरी को विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत देशव्यापी हड़ताल, कोयला उत्पादन तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा की गई, जिसमें सभी बोर्ड सदस्यों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

    सभा को संबोधित करते हुए सीएमडी  मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय सलाहकार समिति, प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच रचनात्मक संवाद का एक प्रभावी मंच है, जो संस्थान की नीतियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे संगठन की प्रगतिशील नीतियों को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव तथा सकारात्मक सहयोग प्रदान करें। प्रस्तावित 12 फरवरी की हड़ताल के संदर्भ में उन्होंने सभी सदस्यों से इस पर पुनर्विचार करने तथा श्रमिकों को जबरन इसमें भाग लेने के लिए बाध्य न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल अपने कर्मियों के कल्याण, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति पूर्णतः समर्पित है, और सभी संगठनों का दायित्व है कि वे इसमें यथासंभव सहयोग करें।सदस्यों ने प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार का संवाद संस्थान में सहयोग एवं विश्वास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का समापन विभागाध्यक्ष (औद्योगिक संबंध)  सुरेन्द्र भूषण द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने बाघमारा में आयोजित महायज्ञ व प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में की अपनी सहभागिता

    सीएमडी बीसीसीएल ने बाघमारा में आयोजित महायज्ञ व प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में की अपनी सहभागिता

    धनबाद। सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल ने  ब्लॉक-2 क्षेत्र अंतर्गत माटीगाढ़ा डैम (ग्वाला धौड़ा, गोवर्धन पहाड़ी) बाघमारा में आयोजित 7-दिवसीय महायज्ञ एवं राधे-कृष्ण, शिव परिवार और हनुमान प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लिया और पूजा-अनुष्ठान कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी को पुष्पांजलि अर्पित की और समाज तथा राष्ट्र के कल्याण की कामना की।

    उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास में सामुदायिक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बीसीसीएल क्षेत्रीय विकास एवं सामुदायिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है, और इस लक्ष्य की पूर्ति में स्थानीय समुदाय का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हम सभी को समाज और राष्ट्र के कल्याण के निमित्त सदैव प्रयासरत रहना चाहिए तथा सतत अपना सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करना चाहिए।

    कार्यक्रम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक कुमार रंजीव,  के. के. सिंह, परियोजना पदाधिकारी,  पी. एस. के. सिन्हा तथा टी. एस. चौहान सहित बीसीसीएल के अनेक अधिकारी मौजूद थे। स्थानीय जनप्रतिनिधि, बीसीसीएल कर्मी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी उपस्थिति दर्ज कराई।