व्यवस्था परिवर्तन के लिए बाबू जगदेव प्रसाद का रास्ता ही उपयोगी – डॉ.सुषमा

बिहार और उत्तर प्रदेश में बाबू जगदेव समतामूलक समाज और मानववाद की स्थापना चाहते थे – छोटेलाल खरवार

सोनभद्र। राबर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में महात्मा फुले फाउंडेशन के बैनर तले अमर शहीद क्रांतिकारी नेता भारत लेनिन के नाम से मशहूर बाबू जगदेव प्रसाद की 152वीं शहादत दिवस अधिकार दिवस के रूप में सुमंत सिंह मौर्य की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
  कार्यक्रम का शुभारंभ बाबू जगदेव प्रसाद  के चित्र पर पुष्प अर्पित व माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि द्वय जअपा की राष्ट्रीय महासचिव डॉ सुषमा मौर्य व राबर्ट्सगंज लोकसभा सदस्य छोटेलाल खरवार ने किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बाबा साहब का सपना ही जगदेव तुम्हारा नारा है, 100 में 90 शोषित हैं शोषितों ने ललकारा है, धन धरती और राजपाट में 90 भाग हमारा है। जैसे नारे के साथ जोरदार आगाज किया। शहादत दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद का संघर्ष सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं था उनका संघर्ष सत्ता परिवर्तन के साथ व्यवस्था परिवर्तन का था। बाबू जगदेव प्रसाद भारत के गरीबों, पिछड़ों के लिए पूंजीवाद व साम्यवाद दोनों को खतरनाक मानते थे। उन्होंने भारतीय समाज को दो भागों में विभाजित किया एक शोषक समाज जिसकी संख्या देश में 10 प्रतिशत है वही दूसरा शोषित समाज जिनकी संख्या 90 प्रतिशत है, यह 10 प्रतिशत वाले 90 प्रतिशत पर राज कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि 10 का शासन 90 पर नहीं चलेगा ।  मुख्य अतिथि सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने कहा कि जिस प्रकार से जो काम दक्षिण में पेरियार ई0वी0 रामास्वामी नायकर, महाराष्ट्र में ज्योतिवा राव फुले, सावित्रीबाई फुले और बाबा साहब डॉ0 भीमराव अंबेडकर ने किया। बिहार और उत्तर प्रदेश में बाबू जगदेव समतामूलक समाज की स्थापना और मानववाद की ऐसी स्थापना चाहते थे। जिसमें ना कोई ऊंच हो और ना कोई नीच हो, बाबू जगदेव आडंबर और पाखंड के भी पुरजोर विरोधी थे इसलिए उन्होंने अर्जक संघ की स्थापना कर लोगों को अंधविश्वास व अंध श्रद्धा से बाहर निकालने का अभियान चलाए। विशिष्ट अतिथि डॉ0 लोकपति सिंह पटेल ने कहा कि तथागत बुद्ध ने कहा था कि अपना दीपक स्वयं बनो। इसलिए हम सबका भला दूसरा कोई नहीं कर सकता है हमें खुद अपने हक अधिकार के लिए आगे आना होगा अपना नेतृत्व खुद करना होगा शोषितों का भला केवल शोषित नेतृत्व ही कर सकता है। आयोजक  डॉ0 भागीरथी सिंह मौर्य, संयोजक आदित्य मौर्य एवं अध्यक्षता कर रहे सुमंत सिंह मौर्य ने आए हुए सभी सम्मानित अतिथियों व उपस्थित जनों का स्वागत अभिनंदन करते हुए सभी का आभार प्रकट किये। मुख्य अतिथि द्वय, अति विशिष्ट अतिथि, वशिष्ठ अतिथि, मुख्य वक्तागणों को तलवार, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए कहा कि आज हम सब जिस महापुरुष के शहादत दिवस पर इकट्ठा हुए हैं यहां से एक संकल्प लेकर हम सभी को जाना है कि हम महापुरुषों के संघर्षों के पथ पर आगे बढ़ेंगे। शहादत दिवस कार्यक्रम को एड0, विकाश शाक्य, सुनील सिंह गौण, किशोरी सिंह, शिवपूजन सिंह, लालबहादुर पाल, त्रिपुरारी गौण, शहनवाज खान, रमेश पासवान, रेनू कुशवाहा, शिवकुमार वर्मा, एड0 रामचंद्र सिंह, अवनीश सिंह कुशवाहा, पिंटूलाल कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा, संतोष पटेल, रामभरोसे सिंह, कृपाशंकर चैहान, बिमलेश मौर्य, शिवानंद मौर्य, लल्लू  भारती ने भी संबोधित किया। उक्त कार्यक्रम का संचालन रवि रंजन शाक्य ने किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *