भारतीय दलित साहित्य अकादमी की ओर से वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी इसहाक खान को आदर्श व्यक्तित्व के लिए किया जाएगा सम्मानित , सम्मान समारोह 12 और 13 दिसंबर को दिल्ली में किया जाएगा आयोजित
सोनभद्र । दूद्धी सोनभद्र के रहने वाले जाने-माने मीडिया कर्मी,कवि साहित्यकार समाजसेवी और पर्यावरण चिंतक मुहम्मद इसहाक खान को भारतीय दलित साहित्य अकादमी की ओर से डॉक्टर भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय फेलोशिप 2025 से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें गवर्नमेंट मीडिया में रहते हुए दलित आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ्य,शिक्षा, पर्यावरण चिंतन और आपसी सौहार्द के साथ साथ जन जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उचित मार्गदर्शन के लिए प्रदान किया जाएगा ।

सम्मान समारोह 12 और 13 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा । यह प्रतिष्ठित सम्मान दलित और पिछड़े पूर्वांचल क्षेत्र से मुहम्मद इसहाक खान एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में चयन किए गए हैं जो विशेष रूप से “ग्राम गौरव संस्कृति संस्कारी समूह ट्रस्ट के माध्यम से समाज के वंचित दलित पिछड़ो साथ ही नदियों, विशालकाय चट्टानों,पहाड़ों , प्राकृतिक भूभागों के संदर्भ मे पर्यावरण को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते रहे हैं। इन्होंने अपने कार्यक्रमों के जरिए सामुदायिक सहयोग और सद्भाव के माध्यम से सामाजिक एकता और सद्भावना की जिम्मेदारी निभाने की बखूबी कोशिश की है। दुद्धी परिक्षेत्र की साहित्यिक अभिरुचि एवं लेखकीय उसरता को दूर करने की कड़ी में पद्मश्री डॉ मोहम्मद हनीफ खान शास्त्री और डॉ लवकुश प्रजापति एवं अन्य के बाद क्षेत्र की यह अगली कामयाबी है।

इस अवसर पर मुहम्मद इसहाक खान ने कहा ” मीडिया में नौकरी की जिम्मेदारी निभाते हुए अपने अवकाश के अवसरों पर अपनी अल्प बचत के माध्यम से गांव में आ कर कार्यक्रम का आयोजन करते रहने से गांव के लोगों से जुड़ाव व अपना पन महसूस होता है। मेरी दिली इच्छा है कि डैनी पहाड़ी एक प्राकृतिक पर्यटक स्थल बनें,कनहर बांध की नहरों के जरिए ठेमा और लौवा नदी सदा सलिला रहे। क्षेत्र में साहित्यिक सामाजिक सरोकारों की अधिकता रहे, नगर के मुख्य मार्ग पर स्वतंत्रता सेनानियों के लिए स्मृति स्थल की स्थापना हो और आपसी सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।”

आगे उन्होंने कहा ” यह सम्मान केवल मेरा नहीं बल्कि मेरे परिवार, मार्गदर्शकों सहयोगियों और उन सभी समाजसेवियों का भी है जिन्होंने इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में मेरी सामाजिक यात्रा में सदैव मेरा मार्गदर्शन और सहयोग किया है। मेरा उद्देश्य सदैव समाज के हर वर्ग तक जागरूकता का महत्व पहुंचाना और राष्ट्र निर्माण को सशक्त बनाना रहा है। मैं भारतीय दलित साहित्य अकादमी का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मेरे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है। यह सम्मान मुझे और अधिक निष्ठा , समर्पण व उत्साह के साथ समाज सेवा राष्ट्र सेवा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय रहने की प्रेरणा देगा। इसहाक खान की इस कामयाबी पर जिले के पत्रकारों , साहित्य सेवियों में हर्ष है। लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यमों से श्री खान को बधाई दी।

गांव गिराँव हिंदी न्यूज़ पोर्टल पर आप – Latest Breaking News, देश, विदेश, खेल, मनोरंजन, राजनीति, क्राइम, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, लाइफस्टाइल, क्रिकेट से सम्बंधित सभी समाचार प्राप्त करते है।
