बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी, निलाद्री रॉय ने किया बरौरा क्षेत्र का निरीक्षण

धनबाद। बीसीसीएल के निदेशक-तकनीकी (परियोजना एवं योजना)  निलाद्री रॉय ने आज कंपनी के बरौरा क्षेत्र का निरीक्षण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एएमपी कोलियरी के विभागीय एवं हायर पैच के साथ-साथ दामोदा ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) के विभागीय पैच का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ टीएस टू डीटी (पी एंड पी)  संजय कुमार भी उपस्थित रहे। इस निरीक्षण का उद्देश्य उत्पादन प्रक्रिया की समीक्षा, सुरक्षा मानकों का आकलन तथा भविष्य की उत्पादन रणनीतियों पर विचार करना था।

निरीक्षण के उपरांत श्री रॉय ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक  के.के. सिंह, एजीएम  जी.के. मेहता, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी वाई.एस. राजपूत, संबंधित परियोजनाओं के प्रोजेक्ट अधिकारियों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में उन्होंने माइन सेफ्टी, उत्पादन लक्ष्य, उपकरणों के बेहतर उपयोग और तकनीकी नवाचारों पर गहन चर्चा की।

श्री रॉय ने खदान संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन पर विशेष बल देते हुए कहा कि कोयला उत्पादन में वृद्धि निश्चित रूप से आवश्यक है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में मानव जीवन और मशीनरी की सुरक्षा से समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्य में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यस्थल पर सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि उत्पादन लक्ष्यों की सुरक्षित प्राप्ति के लिए आधुनिक तकनीकों एवं स्वचालन (ऑटोमेशन) का अधिकतम उपयोग किया जाए, जिससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक कुशल और पारदर्शी बन सके। श्री रॉय ने एचईएमएम (HEMMs) की क्षमता उपयोगिता (कैपेसिटी यूटिलाइजेशन) को और सुदृढ़ करने पर बल देते हुए कहा कि उपकरणों की अधिकतम उत्पादकता प्राप्त करने हेतु उचित नियोजन और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 और आगे के उत्पादन कार्यक्रमों की तैयारी पर भी जानकारी ली और समयबद्ध योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने कंपनी की मूल नीति ‘सेफ्टी फर्स्ट-प्रोडक्शन मस्ट’ को दोहराते हुए कहा कि बीसीसीएल सदैव इस सिद्धांत पर कार्य करती है, जहाँ सुरक्षा सर्वोपरि है और उत्पादन उसी के अनुरूप सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सतत खनन, पर्यावरणीय संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व बीसीसीएल के संचालन के अभिन्न अंग हैं, जिन्हें बनाए रखना हर अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है। निरीक्षण के अंत में  रॉय ने बरौरा क्षेत्र के प्रबंधन और टीम की सराहना करते हुए कहा कि बीसीसीएल को कोल इंडिया की एक अग्रणी इकाई बनाए रखने के लिए सभी को ‘सुरक्षा, दक्षता और नवाचार’ के सिद्धांतों पर निरंतर कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से न केवल उत्पादन बढ़ाएँ, बल्कि खदान संचालन में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।

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