सेफ्टी फर्स्ट – लिफ्ट स्मार्ट & लिफ्ट सेफ” की थीम पर “रिगिंग एंड लिफ्टिंग” पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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बोकारो।बीएसएल में कर्मियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा से सम्बंधित हर पहलु पर दक्ष बनाने तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल के तहत मानव संसाधन के ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में “रिगिंग एंड लिफ्टिंग” पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मेसर्स टाटा स्टील इंडस्ट्रियल कंसल्टिंग (TSIC) के अनुभवी फैकल्टी  राम मोहन सिंह के सहयोग से किया गया.कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 40 अधिशासी प्रक्षिणार्थी के रूप में शामिल थे. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 40 अधिशासी प्रक्षिणार्थी के रूप में शामिल हैं. कार्यक्रम के उदघाटन सत्र मे  शरद गुप्ता मुख्य महाप्रबंधक (अनुरक्षण),बी के सरतापे मुख्य महाप्रबंधक (एस & एफ एस), प्रकाश कुमार मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) एवं  मुख्य महाप्रबंधक(ज्ञानार्जन एवं विकास)नीता बा उपस्थित थे.

सर्वप्रथम मुख्य महाप्रबंधक (ज्ञानार्जन एवं विकास)नीता बा ने सभी प्रतिभागियों एवं मुख्य अतिथियों का स्वागत किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी. अपने सम्बोधन मे श्री शरद गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (अनुरक्षण) ने स्टील प्लांट के लिये कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला तथा सभी प्रतिभगियो से इस कार्यक्रम से अधिकतम लाभ उठाने की अपील की. श्री बी के सरतापे, मुख्य महाप्रबंधक (एस & एफ एस) ने  प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के बदलते तकनीकी परिवेश में लगातार सीखना और कौशल-विकास (Up skilling) अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया.  प्रकाश कुमार  मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) ने भी सभी प्रतिभगियो से इस कार्यक्रम से अपनी जानकारी बढ़ाने की अपील की. 

टाटा स्टील इंडस्ट्रियल कंसल्टिंग (TSIC) के अनुभवी फैकल्टी  राम मोहन सिंह  ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के थीम “सेफ्टी फर्स्ट – लिफ्ट स्मार्ट & लिफ्ट सेफ”  संबंध में जानकारी देते हुए रिगिंग और लिफ्टिंग का परिचय, सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियम, सुपरवाइज़र की भूमिका और जिम्मेदारी, मुख्य उपकरण और उनका उपयोग, लिफ्टिंग के प्रकार, रिगिंग प्लान, इंस्पेक्शन और डॉक्यूमेंटेशन, आपातकालीन तैयारी, व्यवहार और संचार जैसे  विषय पर विस्तृत जानकारी दी. यह पहल कर्मचारियों की तकनीकी दक्षताओं को सुदृढ़ करने तथा भविष्य की स्वचालन चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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