बीसीसीएल में विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक,‘वेस्ट टू आर्ट इंस्टॉलेशन’ और ई-वेस्ट कलेक्शन कार्यक्रम का आयोजन

धनबाद।देशभर में संचालित विशेष अभियान 5.0 (स्पेशल कैंपेन 5.0) के तहत बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में आज स्वच्छता, पुनर्चक्रण, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ।

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इस क्रम में गोविंदपुर क्षेत्र-III कार्यालय में ‘कार्यस्थल, घर एवं आसपास की स्वच्छता’ विषय पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसे आईपीटीए, कतरास की टीम ने प्रस्तुत किया। नाटक में कलाकारों ने स्वच्छता को एक व्यक्तिगत व्यवहार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय आवश्यकता के रूप में प्रस्तुत करते हुए सभी को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में  के.के. सिंह (महाप्रबंधक),  जे.के. जायसवाल (अतिरिक्त महाप्रबंधक) सहित क्षेत्र के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में अत्यंत प्रभावी हैं।

कुसुंडा क्षेत्र में आज विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत ‘वेस्ट टू आर्ट इनिशिएटिव’ के तहत एक अत्यंत रचनात्मक पहल की गई। इस पहल के अंतर्गत पुराने एवं अनुपयोगी ड्रमों तथा टायरों का पुनः उपयोग कर दो आकर्षक सोफा सेट और एक सेंटर टेबल तैयार किए गए। यह पहल न केवल पुनर्चक्रण की भावना को बढ़ावा देती है, बल्कि अपशिष्ट सामग्री के रचनात्मक उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह रचनात्मक कार्य महाप्रबंधक (कुसुंडा क्षेत्र) प्रणव दास, महाप्रबंधक (उत्खनन) श्री ए.के. सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन) वेद प्रकाश एवं देबाशीष बाग के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इसके अतिरिक्त, ब्लॉक-II क्षेत्र में मानव संसाधन विभाग एवं पर्यावरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘वेस्ट टू आर्ट इंस्टॉलेशन कैंपेन’ का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत जमुनिया काली मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में उत्खनन विभाग के लगभग 40 पुराने ड्रमों का रंग-रोगन कर पौधारोपण के उपरांत उन्हें पौधों की सुरक्षा हेतु संरक्षक घेरों के रूप में स्थापित किया गया। इस पहल का उद्देश्य कचरे को उपयोगी रूप में परिवर्तित कर पुनर्चक्रण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना था। इसके साथ ही, ब्लॉक-II क्षेत्र में ई-वेस्ट कलेक्शन अभियान भी चलाया गया, जिसमें कुल 37 ई-वेस्ट सामग्रियाँ एकत्रित की गईं।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन)अनिल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक (प्रशासन)प्रवीण कुमार झा, क्षेत्रीय प्रबंधक (पर्यावरण)उत्तम कुमार झा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि ‘वेस्ट टू आर्ट’ जैसी गतिविधियाँ न केवल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि कार्यस्थलों एवं समुदायों में रचनात्मकता और जिम्मेदारी की भावना को भी सशक्त बनाती हैं।

लोदना क्षेत्र और वाशरी डिवीजन (सीसीडब्ल्यूओ) में भी आज ई-वेस्ट कलेक्शन अभियान आयोजित किए गए। इन अभियानों का उद्देश्य पुराने एवं अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उचित और वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित करना रहा। दोनों क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से ई-वेस्ट सामग्री एकत्रित कर उनका सुरक्षित और व्यवस्थित निपटान किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रतिभागियों को ई-वेस्ट प्रबंधन से संबंधित नियमों, पर्यावरणीय प्रभावों और इसके वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया से अवगत कराया।

बीसीसीएल के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिनके माध्यम से ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान और अपशिष्ट पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया गया। इन अभियानों ने न केवल कर्मचारियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना को सुदृढ़ किया है, बल्कि कार्यस्थलों को स्वच्छ, हरित और सतत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

विदित हो कि विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत बीसीसीएल लगातार स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरित पहल को संस्थागत रूप देने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके तहत सभी क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता से जुड़ी विविध गतिविधियाँ निरंतर आयोजित की जा रही हैं।

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