सोनभद्र, सिंगरौली। आपदा प्रबंधन और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, एनटीपीसी विन्ध्याचल ने शाहपुर V-1 ऐश डाइक पर एक वृहद बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास संभावित ऐश डाइक टूटने की स्थिति को ध्यान में रखकर किया गया , विशेष रूप से मानसून के दौरान, जब इस प्रकार की घटनाओं का जोखिम अधिक रहता है।
इस अभ्यास का उद्देश्य स्टेशन की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की दक्षता को परखना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था। जैसे ही डाइक टूटने का सिम्युलेटेड अलर्ट जारी हुआ, सीआईएसएफ, एसडीआरएफ, चिकित्सा इकाइयों और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। डाइक के पास तैनात 200 से अधिक संविदा कर्मियों ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी , जिससे उनकी सतर्कता, अनुशासन और तैयारियों का परिचय मिला।

सभी एजेंसियों के तालमेल से मॉक स्थिति को रिकॉर्ड समय में नियंत्रित कर लिया गया। यह अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता को सिद्ध करता है, बल्कि इसमें शामिल कर्मियों की जागरूकता और प्रशिक्षण के उच्च स्तर को भी उजागर करता है। यह स्टेशन की सुरक्षा, त्वरित प्रतिक्रिया और सतत सुधार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी ए.जे. राजकुमार (महाप्रबंधक – प्रचालन एवं अनुरक्षण), मणिक्यन सुरेश (महाप्रबंधक – रखरखाव एवं एडीएम), आशीष कुमार अग्रवाल (अपर महाप्रबंधक – सुरक्षा), चंद्रोदय कुमार (अपर महाप्रबंधक – एडीएम), सुश्री मृणालिनी (अपर महाप्रबंधक – मानव संसाधन), के साथ सविता यादव, तहसीलदार (सिंगरौली) और एनटीपीसी विंध्याचल, शक्तिनगर, एनसीएल, सीआईएसएफ व एसडीआरएफ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर ए.जे. राजकुमार (महाप्रबंधक – प्रचालन एवं अनुरक्षण) ने सभी टीमों की त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया की सराहना की और ऐसे अभ्यासों को वास्तविक समय की तैयारियों के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा, “प्रत्येक मॉक ड्रिल हमारी प्रतिक्रियाओं को तेज बनाती है और विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करती है।” अन्य बचाव दलों के प्रतिनिधियों ने भी नियमित मॉक ड्रिल की आवश्यकता पर बल दिया। हालांकि इस अभ्यास में उच्च स्तरीय तत्परता दिखाई दी, फिर भी इसमें कुछ ऐसे क्षेत्र भी सामने आए जहाँ और सुधार की आवश्यकता है जिसे भविष्य की ड्रिल और निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से बेहतर किया जाएगा। यह पहल न केवल एनटीपीसी के भीतर बल्कि आसपास के समुदायों में भी एक सकारात्मक प्रभाव छोड़ गई, और स्टेशन की सुरक्षा और लचीलापन के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।
