मथुरा वृन्दावन में 40 दिन तक चलने वाले रंगोत्सव के लिए सभी तैयारियां पूरी

देश-विदेश से आने वाले दर्शकों के अनुभव को शानदार बनाने के लिए सभी बुनियादी सुविधायें प्रदान की जायेगी

बरसाना में लड्डू होली का आयोजन कल-जयवीर सिंह

लखनऊ । मथुरा बृन्दावन समेत ब्रज क्षेत्र में होली का पारम्परिक एवं सांस्कृतिक उत्सव शुरू हो चुका है। इसी क्रम में विश्व प्रसिद्ध लड्डू होली कल 07 मार्च को खेली जायेगी। इसके उपरान्त बहुचर्चित लट्ठमार होली 08 मार्च को मनायी जायेगी। इन दोनों पर्वों में शामिल होने देश विदेश से होली के शौकीन लोग पधारना शुरू कर दिये हैं। इसके लिए जिला प्रशासन जोर-शोर से तैयारी की है।

यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज यहां देते हुए बताया कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इन पर्वों पर आने वाले पर्यटकों को होली के रंग में सराबोर होने का अद्भुत अवसर प्राप्त हो और आगन्तुक एक विशिष्ट अनुभव की अनुभूति करें। इसके लिए ब्रजतीर्थ विकास परिषद ने पूरी तैयारी कर रखी है। मथुरा बृन्दावन में 40 दिन तक चलने वाले रंगों के इस त्यौहार में शामिल होने के लिए देश विदेश से लोग पहुंचते हैं। बरसाना की लटठमार होली और बलदेव जी के हुरंगा के अलावा धधकती आग से पंडा को निकलने का दृश्य इस पर्व को और रोमांचकारी बनाता है।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी लड्डू होली के दौरान लाडली जी के मंदिर में रहेंगे, इसके पश्चात राधा विहारी इंटरकालेज के प्रांगण में होली महोत्सव का विधिवत् शुरूआत करेंगे। बरसाना की रंगीली गली और राधा रानी के मंदिर में 08 मार्च को होली खेली जायेगी। उल्लेखनीय है कि ब्रज में होली 40 दिन मनाई जाती है। इसकी शुरूआत बसंत पंचमी से होती है। ब्रज की होली रंगो का उत्सव नहीं बल्कि भारत की गौरवशाली परम्परा और समृद्धि विरासत तथा भक्ति से जुड़ा हुआ अनूठा त्यौहार है। यहां लटठमार होली, फूलों की होली, हुरंगा जैसे आयोजन इसे खास बनाते हैं। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने ब्रज में होली खेली थी तभी से यह परम्परा चली आ रही है।

सिंह ने बताया कि ब्रज की होली 2025 की मुख्य तिथियां इस प्रकार निर्धारित की गयी हैं। जिसके तहत 07 मार्च को बरसाना में लड्डू होली, 08 मार्च को बरसाना में लट्ठमार होली, 9 मार्च नंदगांव में लट्ठमार होली, 10 मार्च वृंदावन में फूलों की होली, 10 मार्च को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंच पर होली, सांस्कृतिक कार्यक्रम, 11 मार्च गोकुल में छड़ीमार होली, 13 मार्च होलिका दहन, 14 मार्च पूरे ब्रज में धुडेली, 15 मार्च दाऊजी और नदंगाव में हुरंगा, 18 मार्च मुखरई में चरकुला नृत्य एवं 22 मार्च रंगनाथ मंदिर में होली उत्सव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि सुरक्षित होली, शानदार होली एवं यादगार होली के संकल्प को जीवंत बनाने के लिए सारी व्यवस्थायें की जा रही हैं।

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