बीसीसीएल के सहयोग से कोयला नगर में आईसीएमएआई, धनबाद चैप्टर द्वारा सेमिनार का आयोजन

सीएमडी बीसीसीएल ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में अपनी सहभागिता की

NTPC

धनबाद। सामुदायिक भवन, कोयला नगर में आज बीसीसीएल के सहयोग से भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई), धनबाद चैप्टर द्वारा अपने वार्षिक संगोष्ठी के अंतर्गत ‘आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस: ए डिसीजन मेकिंग टूल फ़ॉर द प्रोफ़ेशन’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने बतौर मुख्य अतिथि अपनी सहभागिता की। इस अवसर पर  बी.के. परुई (अध्यक्ष, आईसीएमएआई धनबाद चैप्टर एवं पूर्व कंपनी सेक्रेटरी, बीसीसीएल),  आर.के. सहाय (पूर्व निदेशक वित्त, बीसीसीएल),  विनीत रावल (कार्यकारी निदेशक, सेल),  बिक्रम घोष (निदेशक वित्त, डब्ल्यूसीएल), डॉ. इंद्रनील सरकार (तकनीकी सत्र के वक्ता), सीएमए,  सी. चट्टोपाध्याय, सीएमए, श्री अभिजीत गोस्वामी, सीएमए, श्रीमती आरती गांगुली सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के औपचारिक स्वागत, सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्र-गीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ। स्वागत संबोधन में श्री बानी कुमार परुई ने संगोष्ठी के उद्देश्य और प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न केवल पेशेवर निर्णय प्रक्रिया को सशक्त बना रहा है, बल्कि यह विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में दक्षता, पारदर्शिता और नवाचार को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

अपने संबोधन में मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी एवं संतुलित उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है, विशेष रूप से खनन क्षेत्र में यह संपूर्ण वैल्यू चेन को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि एआई आधारित प्रणालियों के माध्यम से माइन प्लानिंग में सुधार, उपकरणों का बेहतर उपयोग तथा प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस द्वारा डाउनटाइम में कमी लाकर उत्पादन दक्षता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही, सुरक्षा एवं जोखिम प्रबंधन के क्षेत्र में रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सप्लाई चेन प्रबंधन, कोल मूवमेंट, गुणवत्ता नियंत्रण तथा वित्तीय प्रक्रियाओं जैसे कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और बजट पूर्वानुमान में भी एआई उपयोगी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने एआई के सफल क्रियान्वयन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले डेटा, उसके प्रभावी एकीकरण तथा मानवीय बुद्धिमत्ता के साथ संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

तकनीकी सत्र के दौरान डॉ. इंद्रनील सरकार (एसोसिएट डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल इनोवेशन कंसल्टेंट, कॉग्निजेंट) ने विषय पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए और एआई के व्यावहारिक उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

समापन सत्र में मंचासीन अतिथियों द्वारा आईसीएमएआई धनबाद चैप्टर के इस वर्ष के स्मारिका का संयुक्त विमोचन किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में अमल दास (पूर्व अध्यक्ष, आईसीएमएआई),  हरिजीवन बनर्जी (पूर्व अध्यक्ष, आईसीएमएआई),  बिस्वरूप बसु (पूर्व अध्यक्ष, आईसीएमएआई),  अभिजीत दत्ता (सचिव, ईआईआरसी, आईसीएमएआई),  राजीव तिवारी (सीजीएम, सेल), एम.एस. राजू (महाप्रबंधक, वित्त, बीसीसीएल),  श्याम सुंदर (महाप्रबंधक वित्त, ईसीएल),  अशोक कुमार (महाप्रबंधक, वित्त, डब्ल्यूसीएल) सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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