सोनभद्र। जिले में डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (डीएमएफ) के लगभग 100 करोड़ रुपये के कथित दुरुपयोग के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए गए हैं।राष्ट्रीय लोकदल की जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत रखी थी कि डीएमएफ फंड का उपयोग मजदूरों, फैक्ट्री वर्कर्स और मूल निवासियों के कल्याण में न कर प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से खर्च किया गया। पार्टी के जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस फंड में भारी अनियमितता और बंदरबाट हुई है तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय इकाई ने जांच आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच से सरकारी धन के सही उपयोग का रास्ता साफ होगा और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो उसका खुलासा होगा। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि डीएमएफ फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले गरीब मजदूरों और प्रदूषण से पीड़ित परिवारों को राहत देना है, इसलिए धन का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए।इस मौके पर संगठन महासचिव पवन शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर विश्वकर्मा, प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष भोला देव पांडेय, मनदीप सिंह, बंटी चौबे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।उक्त जानकारी जिला प्रवक्ता विकास पांडेय द्वारा दी गई।

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