सोनभद्र। सरकार द्वारा धान खरीद शुरू किए जाने और लक्ष्य बढ़ाने के दावों के बावजूद जिले के किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। धान खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था और धांधली का आरोप लगाते हुए पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।मंच के नेता गिरीश पाण्डेय ने आरोप लगाया कि सोनभद्र के धान खरीद केंद्रों पर किसानों से सीधे धान खरीद नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपणन विभाग के अधिकारी मिलरों के माध्यम से धान की खरीद कर रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। किसानों को केंद्रों पर जानबूझकर परेशान किया जाता है, ताकि वे मजबूरी में अपना धान मिलों पर औने-पौने दाम में बेच दें।गिरीश पाण्डेय का कहना है कि पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि मिलरों द्वारा किया गया भुगतान भी धान खरीद केंद्रों पर ले जाकर किसानों से अंगूठा लगवाकर दिखाया जाता है, जबकि वास्तविक धनराशि अधिकारियों और मिलरों के बीच आपस में बांट ली जाती है।उन्होंने बताया कि कई किसान दस दस और बीस बीस दिनों से धान खरीद केंद्रों पर खड़े हैं, लेकिन जो किसान दलालों की शर्तें मानने से इनकार कर रहे हैं, उनका धान नहीं खरीदा जा रहा है।किसान नेता ने इस पूरे मामले में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि सोनभद्र को चारागाह समझने लगे हैं और किसानों व नौजवानों की समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं रह गया है।


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