सोनभद्र । (जी.जी.न्यूज) करीब दो माह पूर्व आदिवासी युवक सुरजमन चेरो की गला दबाकर हत्या किए जाने के गंभीर मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र की अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने कंपनी के कांट्रेक्टर समेत पांच आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी सीओ से कराए जाने का आदेश दिया है। साथ ही विवेचना के परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।यह आदेश कोन थाना क्षेत्र के गिधियाँ गांव के टोला डोड़वाखाड़ निवासी अरुण चेरो पुत्र स्वर्गीय सुरजमन चेरो द्वारा अधिवक्ता रोशनलाल यादव के माध्यम से दाखिल प्रार्थना पत्र पर पारित किया गया। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन और अधिवक्ता के तर्क सुनने के बाद इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पुलिस विवेचना आवश्यक बताई।प्रार्थना पत्र में बताया गया कि 8 अक्टूबर 2025 की रात गांव के ही कुछ लोग रोजगार दिलाने के बहाने सुरजमन चेरो और उनके पुत्र को जबरन घर से ले गए। उन्हें धमकाते हुए पहले जबलपुर, फिर नागपुर होते हुए महाराष्ट्र के चंद्रपुर स्थित एक कंपनी में ले जाकर काम पर लगवा दिया गया। वहां निगरानी में रखा गया और भागने की कोशिश करने वालों के साथ मारपीट की जाती थी।आरोप है कि 10 नवंबर 2025 को सुरजमन चेरो चोरी-छिपे घर लौटने की कोशिश कर रहे थे, तभी कांट्रेक्टर अरविंद गुप्ता ने कंपनी के अन्य लोगों की मदद से गमछे से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद शव को सरकारी अस्पताल चंद्रपुर भेजा गया, जहां 12 नवंबर को पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव गांव लाकर अंतिम संस्कार किया गया।पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की सूचना कोन पुलिस और बाद में एसपी सोनभद्र को भी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, 28 नवंबर 2025 को आरोपियों द्वारा फोन पर समझौते और जान से मारने की धमकी भी दी गई।इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए विशेष न्यायाधीश आबिद शमीम की अदालत ने कांट्रेक्टर समेत पांच आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने, सीओ से विवेचना कराने और जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है ।


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