ईसीएल के सीएमडी द्वारा डालमिया रेलवे साइडिंग का उद्घाटन, कोयला निकासी एवं रेल लॉजिस्टिक्स को मिली मजबूती

₹110.10 करोड़ की लागत से विकसित इस परियोजना का क्रियान्वयन राइट्स लिमिटेड द्वारा किया गया

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संकटोड़िया, । कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनी तथा देश की प्रमुख कोयला उत्पादक इकाई, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), जो मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल एवं झारखंड में अपनी खदानों का संचालन करती है, ने आज सालानपुर क्षेत्र में स्थित डालमिया रेलवे साइडिंग का उद्घाटन किया। यह परियोजना ईसीएल की कोयला निकासी एवं रेल लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस सुविधा का उद्घाटन सतीश झा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, ईसीएल द्वारा किया गया। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) मो. अंजार आलम, निदेशक (तकनीकी/ संचालन)  नीलाद्रि राय, निदेशक (मानव संसाधन)  गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (तकनीकी/ योजना एवं परियोजना) गिरीश गोपीनाथन नायर एवं  सुधीर कुमार शर्मा, मंडल रेल प्रबंधक, आसनसोल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय धर्मेंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, सालानपुर क्षेत्र के नेतृत्व में ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किया गया। इस साइडिंग के कमीशनिंग से ईसीएल की कोयला प्रेषण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे कोयले की आवाजाही अधिक तेज, दक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी तथा सालानपुर क्षेत्र में लॉजिस्टिक बाधाओं में कमी आएगी। नव विकसित कोलियरी साइडिंग की वार्षिक डिजाइन निकासी क्षमता 60 लाख टन (6 एमटीपीए) है। अवसंरचना में दो कोयला लोडिंग प्लेटफॉर्म, प्रत्येक की लंबाई 650 मीटर, एक समर्पित रेलवे वेब्रिज, तथा 2.25 किलोमीटर की साइडिंग रूट लंबाई शामिल है, जबकि कुल ट्रैक लंबाई 4.65 किलोमीटर है। कोयला लोडिंग कार्य पे-लोडरों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे परिचालन में लचीलापन एवं दक्षता सुनिश्चित होगी।

₹110.10 करोड़ की लागत से विकसित इस परियोजना का क्रियान्वयन राइट्स लिमिटेड (RITES Limited) द्वारा किया गया। इसे पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत रेलवे नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिसमें सालानपुर सेवा स्टेशन के रूप में कार्य करेगा। परियोजना के अंतर्गत कुल 70.21 एकड़ भूमि का उपयोग किया गया, जिसमें ईसीएल एवं पूर्व रेलवे की भूमि शामिल है।

रेल-संयोजित यह सुविधा सड़क परिवहन पर निर्भरता को उल्लेखनीय रूप से कम करने, टर्नअराउंड समय में सुधार, लॉजिस्टिक लागत में कमी तथा पर्यावरणीय दृष्टि से सतत कोयला परिवहन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी।

डालमिया रेलवे साइडिंग का कमीशनिंग अवसंरचना आधारित दक्षता, विश्वसनीय कोयला आपूर्ति तथा रेल आधारित निकासी के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रति ईसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

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