कल्याण भवन, एचआरडी बीसीसीएल में नए प्रशिक्षण परिसर ‘विश्वेश्वरैया हॉल’ का सीएमडी ने किया उद्घाटन

माई बीसीसीएल, माई प्राइड’ और ‘फन एट वर्क’ थीम पर आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला मिराकी 1.0 का आयोजन

NTPC

धनबाद। सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने आज जगजीवन नगर स्थित बीसीसीएल के मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) के नए प्रशिक्षण परिसर ‘‘विश्वेश्वरैया हॉल’ का उद्घाटन किया। अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, ओएसडी/वित्त,  राजेश कुमार, महाप्रबंधक (एचआरडी) अनूप कुमार रॉय, महाप्रबंधक (मानव संसाधन),  कुमार मनोज, महाप्रबंधक (प्रशासन),  अर्पण घोष सहित कोयला भवन मुख्यालय के अन्य वरीय अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत परिसर क्षेत्र में ही सीएमडी एवं अन्य वरीय अधिकारियों द्वारा पौधा-रोपण के साथ की गयी, जिसके पश्चात नव-निर्मित प्रशिक्षण परिसर का औपचारिक शुभारंभ हुआ। नव-निर्मित प्रशिक्षण हॉल में एक बड़े डाइनिंग हॉल के साथ एक साथ 100 प्रतिभागियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है, जिससे एचआरडी के प्रशिक्षण कार्यों में सुगमता आएगी। 

प्रशिक्षण परिसर –‘ विश्वेश्वरैया हॉल’ के उद्घाटन के साथ ही कार्यक्रम के दूसरे सत्र में बीसीसीएल मुख्यालय तथा सभी क्षेत्रों के ई-3 से ई-5 स्केल के 80 अधिकारियों के लिए नवनिर्मित हॉल के सभागार में ‘माई बीसीसीएल, माई प्राइड’ और ‘फन एट वर्क’ थीम पर आधारित कार्यशाला मिराकी 1.0 का भी सीएमडी, मनोज अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने शुभारंभ किया।

कार्यशाला में ‘माई बीसीसीएल, माई प्राइड’ तथा ‘फन एट वर्क’ थीम पर आधारित दो महत्वपूर्ण सत्रों का आयोजन हुआ, जिसका संचालन क्रमशः सीएमडी, श्री मनोज अग्रवाल तथा निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने किया।

‘माय बीसीसीएल, माय प्राइड’ (मेरा बीसीसीएल, मेरा गौरव) विषय पर मनोज अग्रवाल, सीएमडी बीसीसीएल, ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बीसीसीएल की गौरवशाली यात्रा, उसकी उपलब्धियों, तकनीकी प्रगति, विविधीकरण, सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) तथा भविष्य की दिशा और लक्ष्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि बीसीसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की एक प्रमुख सहायक इकाई के रूप में न केवल कोयला उत्पादन में अग्रणी है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को निरंतर सशक्त कर रहा है। 

उन्होंने कहा कि बीसीसीएल का कार्यबल इसकी वास्तविक पूंजी है, और एक समर्पित तथा दक्ष मानव संसाधन ही किसी भी संस्थान की सफलता का आधार होता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से एक स्वस्थ कार्यसंस्कृति के मूल तत्वों, तकनीकी नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं अन्य महत्वपूर्ण मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया, ताकि संगठन की प्रगति और देश के ऊर्जा क्षेत्र में बीसीसीएल की अग्रणी भूमिका और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुरली कृष्ण रमैया ने ‘फन एट वर्क’ (कार्यस्थल पर आनंद) विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एक सकारात्मक, संवादपूर्ण और सहयोगी कार्यसंस्कृति उत्पादकता, रचनात्मकता और कर्मचारी कल्याण के लिए एक प्रेरक तत्व (कैटेलिस्ट) के रूप में कार्य करती है। उन्होंने कहा कि जब कार्यस्थल पर आनंद और सहभागिता का माहौल होता है, तो कर्मचारी अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं, उनका मनोबल बढ़ता है और वे अपने कार्य के प्रति अधिक समर्पित रहते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कार्यस्थल पर आनंद तभी सार्थक होता है जब वह स्वाभाविक, उद्देश्यपूर्ण और कर्मचारियों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो, अन्यथा यह कृत्रिम और बोझिल प्रतीत हो सकता है।

विदित हो कि ‘मिराकी’ मूल रूप से एक ग्रीक शब्द है, जिसका आशय है – ‘अपने कार्य को पूरे समर्पण भाव से करना, अर्थात् कार्य को केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति और समर्पण का माध्यम बनाना।

इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत सीएमडी,  मनोज अग्रवाल एवं अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा सामूहिक दीप-प्रज्ज्वलन के साथ की गयी। तत्पश्चात राष्ट्रगान, कोल-इंडिया गीत एवं अतिथियों के औपचारिक स्वागत के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। समापन सत्र में सीएमडी,  मनोज अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन) और ओएसडी/वित्त को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।  धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (एचआरडी)  अनूप कुमार रॉय तथा मंच-संचालन वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सफूरा रुबाब ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय प्रबंधक (खनन),  राधेश्याम दुबे, प्रबंधक (खनन)  सुमित कुमार, एसोसिएट, प्रतीक एवं रणबीर तथा अन्य का विशेष योगदान रहा।             

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *