कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने बीसीसीएल में झरिया सीबीएम ब्लॉक–I एवं II की प्रगति की समीक्षा की

धनबाद। कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 12 एवं 13 जनवरी को बीसीसीएल का दो दिवसीय दौरा कर कंपनी के लीज क्षेत्र में स्थित झरिया कोलफील्ड के अंतर्गत झरिया सीबीएम ब्लॉक–I एवं II की प्रगति तथा फील्ड संचालन की समीक्षा की। कोयला मंत्रालय की इस प्रतिनिधिमंडल में  बीरेंद्र कुमार ठाकुर, निदेशक (तकनीकी), कोयला मंत्रालय तथा  रंजन कुमार दास, वरिष्ठ प्रबंधक, कोयला मंत्रालय शामिल थे।

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दौरे के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल द्वारा सर्वप्रथम कल 12 जनवरी को कोयला भवन मुख्यालय में एक विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता  बीरेंद्र कुमार ठाकुर, निदेशक (तकनीकी), कोयला मंत्रालय ने की। बैठक में सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल, महाप्रबंधक एवं नोडल अधिकारी (सीबीएम) संजय कुमार अग्रवाल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। क्लीन एनर्जी विभाग, सीएमपीडीआई (मुख्यालय) से  रवि शंकर यादव,  वैभव ठाकरे सहित झरिया सीबीएम ब्लॉक–I के सीबीएम ऑपरेटर मेसर्स प्रभा एनर्जी लिमिटेड (पीईएल) के परियोजना प्रमुख एवं प्रतिनिधि राजीव लोचन भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान परियोजना की समग्र प्रगति, प्रमुख चुनौतियों तथा निर्धारित समय-सीमा पर गहन एवं सकारात्मक चर्चा हुई। बीरेंद्र कुमार ठाकुर ने झरिया सीबीएम परियोजना के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि झरिया सीबीएम ब्लॉक–I, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की पहली कोल बेड मीथेन परियोजना है, जो सीआईएल के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए दिसंबर 2026 तक सीबीएम उत्पादन प्रारंभ करने का आह्वान किया, साथ ही सुरक्षा, पर्यावरणीय अनुपालन एवं परिचालन दक्षता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि झरिया सीबीएम ब्लॉक–I का सफल कमीशनिंग न केवल स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगा, बल्कि कोल इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत ऊर्जा विविधीकरण के नए अवसर भी सृजित करेगा। कोयला मंत्रालय परियोजना की समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने हेतु डीजीएच एवं पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ अंतर-एजेंसी समन्वय सहित सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के समय पर परिचालन से बीसीसीएल की राजस्व क्षमता में वृद्धि होगी, देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा तथा भविष्य की सीबीएम परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित होगा।

अवसर पर सीएमडी, मनोज अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया और मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति बीसीसीएल की प्रतिबद्धता दोहराई।

आज मंत्रालय के अधिकारियों ने झरिया सीबीएम ब्लॉक – 1 का फील्ड निरीक्षण कर चल रही परीक्षण कुओं (टेस्ट वेल्स) की ड्रिलिंग गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के साथ अरिंदम मुस्तफी, महाप्रबंधक (पश्चिमी झरिया), संजय कुमार अग्रवाल, महाप्रबंधक एवं नोडल अधिकारी (सीबीएम), बीसीसीएल तथा सीएमपीडीआई (मुख्यालय) और प्रभा एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। दल ने साइट पर परिचालन तैयारी, ड्रिलिंग की स्थिति तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। श्री ठाकुर ने बीसीसीएल एवं पीईएल की टीमों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और शीघ्र गैस उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण कुओं के कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि झरिया सीबीएम परियोजना, कोल इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन का एक आदर्श मॉडल बनने की क्षमता रखती है और यह भारत सरकार के सतत एवं विविधीकृत ऊर्जा पोर्टफोलियो के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह दो दिवसीय दौरा कोल इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत भारत की पहली सीबीएम परियोजना के त्वरित कार्यान्वयन के प्रति कोयला मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। कोयला त्रालय, बीसीसीएल, सीएमपीडीआई एवं प्रभा एनर्जी लिमिटेड ने झरिया सीबीएम ब्लॉक–I एवं II से समयबद्ध निष्पादन एवं वाणिज्यिक उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए अपने साझा संकल्प को दोहराया, जिससे भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक नया अध्याय स्थापित होगा।

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