धनबाद । सीसीएल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज केंद्रीय पेट्रोकेमिकल अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), रांची में एक गरिमामय समारोह के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

निदेशक (मानव संसाधन), बीसीसीएल, मुरली कृष्ण रमैया ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में अपनी सहभागिता की। अवसर पर विभागाध्यक्ष (सीएसआर) बीसीसीएल, सुरेन्द्र भूषण, सिपेट की ओर से निदेशक एवं प्रमुख, अवनीत कुमार जोशी, प्रबंधक (तकनीकी), श्रीमती अंबिका जोशी सहित संस्थान की टीम उपस्थित रही।
अपने संबोधन में श्री रमैया ने कहा कि बीसीसीएल अपने परिचालन क्षेत्रों में सामाजिक उत्थान एवं कौशल विकास हेतु सदैव प्रतिबद्ध रहा है। संस्थान का यह प्रयास है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को न केवल तकनीकी दक्षता प्राप्त हो, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुख बनाया जाए ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे सकें। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के उत्साह, अनुशासन एवं समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सिपेट, रांची और बीसीसीएल के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुखी तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के तहत मशीन ऑपरेटर – प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग (MO-PP) एवं मशीन ऑपरेटर – इंजेक्शन मोल्डिंग (MO-IM) ट्रेड में चार माह (600 घंटे) का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह में कुल 145 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें से 121 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण उपरांत विभिन्न प्रतिष्ठित प्लास्टिक निर्माण कंपनियों से रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो इस कार्यक्रम की सफलता का प्रतीक है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 से अब तक इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 499 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 425 प्रशिक्षणार्थियों को देशभर की प्रतिष्ठित प्लास्टिक एवं विनिर्माण इकाइयों में सफलतापूर्वक नियोजन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि बीसीसीएल की कौशल विकास पहलों की निरंतर प्रभावशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। सिपेट के अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक प्रौद्योगिकी तकनीकों जैसे प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग और इंजेक्शन मोल्डिंग में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे उद्योगों में तुरंत कार्य करने में सक्षम हो सके। प्रशिक्षणार्थियों ने इस अवसर पर अपने अनुभव साझा करते हुए BCCL एवं सिपेट के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें रोजगार हेतु आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता प्राप्त हुई है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

गांव गिराँव हिंदी न्यूज़ पोर्टल पर आप – Latest Breaking News, देश, विदेश, खेल, मनोरंजन, राजनीति, क्राइम, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, लाइफस्टाइल, क्रिकेट से सम्बंधित सभी समाचार प्राप्त करते है।
