तुम तो धोखेबाज हो, वादा करके भूल जाते हो…

 भावी प्रत्याशियों के वादे पर मतदाताओं के बीच सुनी जा रही प्रतिक्रिया

NTPC

सोनभद्र। (जी.जी.न्यूज) ‘‘तुम तो धोखेबाज हो, वादा करके भूल जाते हो’’…। ‘साजन चले ससुराल’ फिल्म का यह गाना वर्तमान परिवेश में ऐसे समाज सेवकों पर सटीक बैठ रहा है जो केवल अपनी ही भावनाओं को लोगों के बीच में उजागर करते हैं लेकिन जनता के मन की बात को नहीं सुनते। इससे समाज का कभी भला नहीं हो सकता। ऐसे व्यक्ति भले ही अपने को समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मानते हों मगर यह होते हैं सिर्फ अवसरवादी। अपने किये वादे को गंभीरता से नहीं लेते। यह समय-समय पर निजी स्वार्थ के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलते रहते हैं। इस तरह की प्रतिक्रिया इन दिनों गांवों में लोगों के बीच सुनी जा रही है। इनका कहना है कि चाहे कोई भी चुनाव हो इस दौरान प्रत्याशी जनता के दिलों में मीठे-मीठे वादे कर अपनी जगह बनाने की कोशिश तो करते हैं किन्तु चुनाव जीतने के बाद जनता से किये वादे को भूल जाते हैं। यहीं नहीं उनसे मिलना-जुलना भी शायद मुनासिब नहीं समझते। मोबाइल फोन को भी अनसुनी कर देते हैं।

    बताते हैं कि इन दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की चर्चा जोर पकड़ती जा रही है। तमाम संभावित प्रत्याशी किसी न किसी माध्यम से अपना प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिये हैं। जो कल किसी से मिलना उचित नहीं समझते थे वह आज लोगों के बीच में जाकर हाल-चाल पूछने लगे हैं। इनके भीतर संस्कार भी दिखने लगा है। मगर जनता अभी मौन साधे बैठी है। वह सीटों के आरक्षण के इंतजार में हैं। प्रबुद्धजनों का कहना है कि भले ही कोई व्यक्ति चुनाव मैदान में कूदने का मन बनाया हो और वह अपने को समाज चिंतक कहता हो, परन्तु मतदाता सोच समझ और परख ही वोट देगा।

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