हिण्डाल्को सी.एस.आर. द्वारा आई.सी.ए.आर. मऊ द्वारा प्रदत्त गेहूँ बीज का किया गया वितरण

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हिण्डाल्को के प्रयास से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद मऊ द्वारा अनुसुचित जनजाति के किसानों हेतु 112 क्विंटल गेंहू के बीज प्रदान किये गए

 रेणुकूट। अनुसूचित जनजाति विकास कार्यक्रम अंतर्गत आई.सी.ए.आर. मऊ द्वारा प्रदत्त गेहूँ बीज का वितरण हिण्डाल्को रेणुकुट के क्लस्टर हेड  समीर नायक के निर्देशन एवं कलस्टर एच. आर. हेड  जसबीर सिंह के मार्गदर्शन एवं सी०एस०आर० प्रमुख एच. आर. अनिल झा के नेतृत्व में आदित्य बिडला रूरल टेक्नोलॉजी पार्क म्योरपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से किया गया। सहभागिता, सहकारिता एवं साझेदारी, विकास के महत्वपूर्ण अंग हैं। हिण्डाल्को द्वारा कृषि के क्षेत्र में किये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों के कारण हिण्डाल्को रेणुकुट, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का विश्वसनीय सहयोगी रहा है। विगत कई वर्षों से हिण्डाल्को के प्रयास से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मऊ के द्वारा अनुसुचित जनजाति के किसानों हेतु धान एवं गेहूं के संशोधित बीज का वितरण, सिंचाई उपकरण आदि उपलब्ध कराया जा रहा है।

किसी भी फसल की पैदावार के लिए बीज का चयन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है इसलिए गेहूं की आगामी फसल को ध्यान में रखते हुए हिण्डाल्को के प्रयास से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद मऊ द्वारा अनुसुचित जनजाति के किसानों हेतु 112 क्विंटल गेंहू के बीज प्रदान किये गए हैं। वहीं संशोधित बीज एक विश्वनीय संस्थान द्वारा प्राप्त होने से निश्चिन्त ही किसानों को फसल की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

हिण्डाल्को द्वारा कृषि के क्षेत्र में संचालित “उन्नति” परियोजना के द्वारा यह भी सुनिचित किया गया जल संचय एवं लिफ्ट इरीगेशन परियोजना से सिंचित होने वाले कृषि भूमि में अधिक से अधिक खेती हो सके। इसी उद्देश्य से आज के बीज वितरण कार्यक्रम में उन किसानों को अधिक से अधिक जोड़ने का प्रयास किया है। आज के इस कार्यक्रम से दुद्धी, म्योरपुर एवं बभनी ब्लाक के 57 गाँव से 338 कृषक लाभान्वित होंगे तथा लगभग 185 एकड़ जमीन में गेंहू की खेती सुनिश्चित होगी।

मुख्य अतिथि  समीर नायक ने अपने सम्बोधन में कहा कि कृषि विकास के क्षेत्र में आई.सी.ए.आर. मऊ एवं हिण्डाल्को सी.एस.आर. का यह पहल सराहनीय है इससे विशेषकर अनुसूचित जनजाति के किसानों को कृषि उत्पादन में लाभ होगा। हिण्डाल्को का कृषक विकास कार्यक्रम सदैव ही अनुकरणीय रहा है एवं प्रत्येक वर्ष विभिन्न कृषि बीजों का वितरण, कृषक प्रशिक्षण एवं सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी आदि के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जाता है । जसबीर सिंह ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वालें गेहूँ का बीज उपलब्ध कराना है, जिससें वे अपनी फसल के पैदावार में सुधार कर सके और अपनी आजीविका को बढ़ा सकें। यह पहल टिकाऊ कृषि और ग्रामीण विकास को सहायता देने की हमारी प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए हिण्डाल्को रेणुकुट के स्मेल्टर प्लांट हेड  जयेश पवार व हिण्डाल्को वित्त एवं लेखा प्रमुख  बिजॉय सिंह ने किसानों को संबोधित किया एवं उन्होने सभी अन्नदाताओं को देश के उन्नति में उनकी प्रमुख भूमिका के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। हिण्डालको रेणुकुट सी०एस०आर० प्रमुख  अनिल झा ने अपने सम्बोधन में किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मऊ द्वारा प्रत्येक वर्ष अनुसुचित जनजाति के किसानों के लिए बीज एवं उपकरण हिण्डाल्को के माध्यम से दिये जाते हैं वह हमारे संस्थान की विश्वसनीयता को दिखाती है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए हिण्डाल्को के वरिष्ठ अधिकारीगणों तथा किसानों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन हिण्डालको सी.एस.आर. अधिकारी  रमाकान्त शर्मा ने किया एवं वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में सी.एस.आर. विभाग के अन्य अधिकारी  सुभाशीष चक्रवर्ती,  प्रदीप सोनी,  राजेश सिंह,  सचिन सिंह,  अंकित द्विवेदी,  अजय यादव,  रूद्र यादव एवं अन्य कार्यकर्ताओं का प्रमुख योगदान रहा।

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