सरकारी सेवा का मूल सार जनता के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और विश्वास है – अनूप कुमार रॉय

बीसीसीएल के सहयोग से श्रम-विभाग धनबाद द्वारा कल्याण भवनएचआरडी में राष्ट्रीय कर्मयोगी वृहद् स्तर जन सेवा कार्यक्रम का आयोजन

धनबाद। राष्ट्रीय कर्मयोगी वृहद् स्तर जनसेवा कार्यक्रम के अंतर्गत आज कल्याण भवन, मानव संसाधन विकास (एचआरडी), जगजीवन नगर, बीसीसीएल में श्रम विभाग, धनबाद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए दो-दिवसीय प्रशिक्षण (17–18 नवम्बर) कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के उप श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) कार्यालय, धनबाद द्वारा आयोजित किया गया है, जिसमें बीसीसीएल द्वारा परिसर सहित आवश्यक व्यवस्थात्मक (लॉजिस्टिक) सहयोग उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि महाप्रबंधक (मानव संसाधन विकास), बीसीसीएल,  अनूप कुमार रॉय उपस्थित रहे। मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण का संचालन  सुमित, उप श्रम-आयुक्त (केन्द्रीय), धनबाद,  मनीष कुमार शंकर, क्षेत्रीय श्रम-आयुक्त (केन्द्रीय), धनबाद तथा  चिरंजीव मंडल, प्रबंधक (खनन), सीएमसी, मुख्यालय, बीसीसीएल, द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में धनबाद क्षेत्र के श्रम विभाग के विभिन्न श्रम अधिकारियों – आर.एल.सी. (के.), ए.एल.सी. (के.), एल.ई.ओ. (के.) एवं अन्य कर्मचारियों सहित 33 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में महाप्रबंधक (एचआरडी)  अनूप कुमार रॉय ने कहा कि सरकारी सेवा का मूल सार जनता के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और विश्वास है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कर्मयोगी कार्यक्रम प्रशासनिक तंत्र में सकारात्मक, स्थायी और प्रभावी परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है, क्योंकि यह न केवल कर्मचारियों की कार्य-कुशलता और दृष्टिकोण को उन्नत करता है, बल्कि संगठन को भी अधिक सक्षम, उत्तरदायी और जनहित-केंद्रित बनाता है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल सदैव से सामाजिक, प्रशासनिक एवं मानव संसाधन विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग करता रहा है और भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षणों, क्षमता-विकास पहलों और जनसेवा उन्मुख अभियानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

विदित हो कि ‘मिशन कर्मयोगी’ अभियान के तहत इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में सेवा-भाव तथा सार्वजनिक सेवा की वास्तविक भावना को विकसित करना है, जिससे कार्य-संस्कृति केवल प्रक्रियागत न रहकर उद्देश्य-प्रधान, नागरिक-केंद्रित और उत्तरदायी बन सके। इस पहल का मूल लक्ष्य सरकारी कार्यबल में ऐसी मानसिकता विकसित करना है, जो करुणाशीलता, जवाबदेही, सक्रियता और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप दायित्व निर्वहन को प्राथमिकता दे।

सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को आईजीओटी–कर्मयोगी (iGOT–Karmayogi) प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध प्रशिक्षण सामग्री एवं ऑनलाइन मॉड्यूलों की विस्तृत जानकारी दी गई। इन मॉड्यूलों के माध्यम से उन्होंने कर्मयोगी के गुण एवं व्यवहार, सार्वजनिक सेवा के आंतरिक उद्देश्य, सेवा-भाव को अपनाने के व्यावहारिक पहलुओं तथा व्यक्तिगत भूमिकाओं के राष्ट्रीय उद्देश्यों से जुड़ाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों को गहराई से समझा। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। स्वागत-संबोधन में  दीपक झा, प्रबंधक (खनन), ने कार्यक्रम के उद्देश्य, संरचना, प्रशिक्षण पद्धति और आगामी गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का कल समापन होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में एचआरडी के  राधेश्याम दुबे, वरीय प्रबंधक (खनन),  उमेश पासवान, वरीय प्रबंधक (उत्खनन) एवं अन्य का विशेष सहयोग रहा। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री दीपक कुमार, प्रबंधक (खनन) ने किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *