सोनभद्र।बी एम एस के प्रदेश मंत्री अरुण कुमार दुबे ने जिला प्रशासन के ऊपर आरोप लगाया कि बिल्ली मारकुंडी रास पहाड़ी में हुई खदान दुर्घटना में दबे श्रमिकों के निकालने अथवा रेस्क्यू की रफ्तार अत्यंत धीमी एवं असंतोष जनक है । त्वरित रेस्क्यू की नई तकनीकी की मशीनों के अभाव के कारण कार्य की रफ्तार अत्यंत धीमी है । इसके कारण दबे श्रमिकों के जीवित बचे होने की संभावना क्षीण होती जा रही है या जो श्रमिक जीवित नहीं बचे होगे उनकी डेड की स्थिति समय ज़्यादा होने से बदतर और पहचान करने लायक नहीं रह जाएगी ।
परिजनों के इस परेशानी को देखते हुए भारतीय मजदूर संघ का प्रतिनिधि मंडल रेस्क्यू की स्थिति और प्रगति की जानने जब दुर्घटना स्थल पर जा रहा था तो दुर्घटना स्थल से काफ़ी पहले ही प्रशासन द्वारा बैरिकेटिंग कर बी एम एस प्रतिनिधियों को रोक दिया गया इसके पश्चात श्रम प्रतिनिधियों ने प्रशासन द्वारा दुर्घटना पर रोके जाने की जानकारी उप जिलाधिकारी ओबरा को देते हुए इस पर नाराजगी जताई ।
साथ ही बी एम एस ने इस दुर्घटना और इसके रेस्क्यू की धीमी गति के विरोध में ज़िलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन का नोटिस ज़िलाधिकारी सोनभद्र को देने का तात्कालिक निर्णय लिया ।
बी एम एस प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश के, विभाग प्रमुख अश्वनी शुक्ला, जिला मंत्री लाले शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष शशि कान्त सिंह , संतोष यादव आदि रहे ।

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