Syniverse के प्लेटफॉर्म के सहयोग से अमेरिका और भारत के नेटवर्क के बीच 5G स्टैंडअलोन रोमिंग कनेक्शन स्थापित
बेलव्यू (वॉशिंगटन) । अमेरिकी दूरसंचार कंपनी T-Mobile और जियो ने 5G स्टैंडअलोन (5G SA) रोमिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की घोषणा की है। दोनों कंपनियों के अनुसार, उन्होंने Syniverse की कनेक्टिविटी तकनीक के माध्यम से दुनिया का पहला 5G SA रोमिंग कनेक्शन सफलतापूर्वक स्थापित किया है।
इस पहल का उद्देश्य दोनों कंपनियों के 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क के बीच रोमिंग सुविधा को सक्षम करना है। इसके तहत T-Mobile के ग्राहक अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान जियो के नेटवर्क पर 5G SA रोमिंग का इस्तेमाल कर सकेंगे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जियो के ग्राहक भी अमेरिका में T-Mobile के 5G SA नेटवर्क पर रोमिंग कर सकेंगे।
5G SA नेटवर्क में 5G कोर नेटवर्क का इस्तेमाल होता है और यह 4G कोर नेटवर्क पर निर्भर नहीं रहता। T-Mobile के अनुसार, 5G SA तकनीक तेज स्पीड, कम लेटेंसी और अधिक नेटवर्क क्षमता जैसी सुविधाओं को सक्षम कर सकती है। इसके अलावा IoT, रियल-टाइम कम्युनिकेशन और इमर्सिव टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी इसके उपयोग की संभावनाएं हैं। हालांकि, इन तकनीकी क्षमताओं का वास्तविक अनुभव ग्राहक के डिवाइस, नेटवर्क कवरेज, उपलब्ध रोमिंग सेवा और अन्य तकनीकी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
Syniverse की अहम भूमिका
कंपनियों के अनुसार, इस उपलब्धि को संभव बनाने में Syniverse के वैश्विक मेडिएशन और कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्लेटफॉर्म ने दोनों नेटवर्क के बीच सुरक्षित इंटरकनेक्शन और इंटरऑपरेबिलिटी को सक्षम किया।
T-Mobile के चीफ नेटवर्क ऑफिसर अंकुर कपूर ने कहा कि कंपनी ने 2020 में 5G स्टैंडअलोन के लिए आधार तैयार करने की दिशा में काम शुरू किया था और जियो के साथ साझेदारी इस यात्रा को आगे बढ़ाती है। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान 5G अनुभव को अधिक निर्बाध बनाना है।
जियो के इंटरनेशनल नेटवर्क, पार्टनरशिप एंड सर्विसेज के प्रमुख मार्क यार्कोस्की ने इसे एक महत्वपूर्ण तकनीकी मील का पत्थर बताया। उनके अनुसार, दो 5G SA नेटवर्क के बीच इंटरऑपरेबिलिटी भविष्य में क्रॉस-नेटवर्क सेवाओं और नए ग्राहक एवं एंटरप्राइज अनुभवों के लिए आधार तैयार कर सकती है। उन्होंने 5G SA की क्षमताओं पर आधारित AI-सक्षम सेवाओं की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
Syniverse के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर जॉन विक ने कहा कि यह उपलब्धि सुरक्षित इंटरवर्किंग और उन्नत मेडिएशन तकनीक के जरिए 5G SA रोमिंग को वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक रूप से लागू करने की संभावनाओं को दर्शाती है।
T-Mobile और जियो की यह साझेदारी 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क के बीच अंतरराष्ट्रीय रोमिंग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनियों के मुताबिक, इससे दोनों नेटवर्क के ग्राहकों को विदेश यात्रा के दौरान 5G SA कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का रास्ता खुला है। हालांकि, सेवा की उपलब्धता और अनुभव संबंधित नेटवर्क, डिवाइस तथा रोमिंग व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
