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सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र ‘दीपिका हस्त करघा’ के माध्यम से ओडिशा की हथकरघा विरासत को दे रहा है बढ़ावा

राउरकेला। जैसा कि राष्ट्र 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाता है, सेल, राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) अपनी निरंतर सीएसआर…

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सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र में नई उच्च क्षमता वाली सी.ओ.जी. फ्लेयर स्टैक की स्थापना का कार्य प्रारंभ

राउरकेला।, राउरकेला स्टील प्लांट (आर.एस.पी.) ने अपने आधुनिकीकरण अभियान में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 5 अगस्त 2026 को ऊर्जा प्रबंधन विभाग (ई.एम.डी.) के अंतर्गत कोल केमिकल विभाग (सी.सी.डी.) क्षेत्र में नई उच्च क्षमता वाली कोक ओवन गैस (सी.ओ.जी.) फ्लेयर स्टैक की स्थापना के लिए भूमि पूजन समारोह आयोजित किया।    इस समारोह में मुख्य महा प्रबंधक (उपयोगिताएँ एवं पर्यावरण), सुश्री आशा सुनील कार्था, मुख्य महा प्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं), श्री हीरालाल महापात्र, महा प्रबंधक प्रभारी, ऊर्जा प्रबंधन विभाग,  ए.एस.खाखा, महा प्रबंधक प्रभारी, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग, श्री अवकाश बेहेरा तथा महा प्रबंधक, अग्नि सुरक्षा विभाग, श्री पी.एस.ठाकरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा ऊर्जा प्रबंधन विभाग, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग एवं अग्नि सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कार्यान्वयन एजेंसी के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी समारोह में उपस्थित थे।   अत्याधुनिक तकनीक से युक्त इस नई फ्लेयर स्टैक की स्थापना आर.एस.पी. के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य कोक ओवन गैस (सी.ओ.जी.) के सुरक्षित एवं कुशल प्रबंधन को और सुदृढ़ करना है। यह सुविधा अतिरिक्त सी.ओ.जी. के नियंत्रित फ्लेयरिंग की क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे संयंत्र की परिचालन विश्वसनीयता, सुरक्षा तथा पर्यावरणीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह परियोजना उन्नत प्रौद्योगिकी को अपनाने तथा ऊर्जा प्रबंधन अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में आर.एस.पी. की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। परियोजना के पूर्ण होने और संचालन प्रारंभ होने के बाद नई उच्च क्षमता वाली फ्लेयर स्टैक से सी.सी.डी. क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा संयंत्र के ऊर्जा के कुशल उपयोग एवं सतत संचालन के प्रयासों को महत्वपूर्ण बल मिलेगा।

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10.29 करोड़ रुपए से आकांक्षी जिला रायगड़ा में विकास की राह मजबूत करेगा एमसीएल

संबलपुर, । महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने समावेशी विकास एवं ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुनीगुड़ा…

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सेल, राउरकेला स्टील प्लांट ने जुलाई और अप्रैल-जुलाई की अवधि में नए उत्पादन बेंचमार्क स्थापित किए

राउरकेला। सेल, राउरकेला स्टील प्लांट ने जुलाई में कई विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ समाप्त किया है, जबकि कई…

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एस.एम.एस.-2 ने एक दिवस में 82 कन्वर्टर ब्लोज़ एवं 12,994 टन क्रूड स्टील उत्पादन कर सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया

राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आर.एस.पी.) के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (एस.एम.एस.-2) ने 2 अगस्त 2026 को एक दिवस में 82…

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सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र की हॉट स्ट्रिप मिल-2 ने जुलाई 2026 में अब तक का सर्वाधिक रोलिंग उत्पादन दर्ज किया

राउरकेला।सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आर.एस.पी.) की हॉट स्ट्रिप मिल-2 (एच.एस.एम.-2) ने जुलाई 2026 6 में कॉइल वज़न के आधार पर…

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वित्तीय अनुशासन और परिचालन दूरदर्शिता ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सेल के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की

राउरकेला।सेल का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) का प्रदर्शन केवल साल-दर-साल (YoY) मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि किस प्रकार वित्तीय कौशल और परिचालन दूरदर्शिता ने मिलकर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किये। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सेल के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा, ‘यह प्रदर्शन सेल की एकीकृत रणनीति की मजबूती को दर्शाता है। मध्य-पूर्व में अस्थिरता से उत्पन्न वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद हमने वित्तीय निर्माण और सक्रिय परिचालन उपायों के संयोजन के माध्यम से उल्लेखनीय लचीलापन प्रदर्शित किया। तिमाही के दौरान हमारा प्रदर्शन दक्षता में निरंतर सुधार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। इसके साथ ही नकदी प्रवाह प्रबंधन में अनुशासित दृष्टिकोण, कठोर वित्तीय नियंत्रण तथा कार्यशील पूंजी के अधिक प्रभावी प्रबंधन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’    सेल द्वारा अपनाई गई दूरदर्शी प्रबंधन रणनीति के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, ‘पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने अपनी दीर्घकालिक वित्तीय विश्वसनीयता तथा नकदी प्रवाह एवं ऋण प्रबंधन में निरंतर सुधार के बल पर ऋण नियंत्रित रखा और ऋण की लागत में कमी की। कंपनी की तरलता मजबूत बनी रही तथा ऋण-इक्विटी अनुपात और शुद्ध ऋण-ई.बी.आई.टी.डी.ए. प्रोफाइल में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सेल ने लाभप्रदता बनाए रखते हुए अपने ऋण जोखिम को सफलतापूर्वक कम किया है।’    वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही कंपनी के उत्पाद मिश्रण और निवेश प्राथमिकताओं में भी महत्वपूर्ण प्रगति का सूचक रही। कुल विक्रय योग्य इस्पात में तैयार इस्पात की हिस्सेदारी बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि (CPLY) में यह 86 प्रतिशत थी। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में अर्ध-तैयार (सेमी-फिनिश्ड) इस्पात की हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम हो रही है। इसी प्रकार, मूल्यवर्धित इस्पात के प्रेषण में भी पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो गुणवत्ता-आधारित विकास पर सेल के विशेष ध्यान को दर्शाता है। साथ ही, पूंजीगत व्यय (CAPEX) निर्धारित लक्ष्य 2,306 करोड़ की तुलना में बढ़कर 2,575 करोड़ रहा, जो क्षमता विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिए रणनीतिक निवेश तथा संसाधनों के सक्रिय आवंटन के प्रति कंपनी की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।   यह तिमाही इस बात का भी प्रमाण रही कि सेल अपनी रणनीतियों को परिचालन दक्षता और मजबूती में प्रभावी रूप से बदलने में सक्षम है। ब्लास्ट फर्नेस की उत्पादकता में सुधार हुआ, फेरो-अलॉय एवं फ्लक्स की खपत के बेहतर अनुकूलन से इस्पात उत्पादन की लागत-प्रभावशीलता मजबूत हुई तथा आगामी तिमाहियों में स्थिर संचालन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित पूंजीगत मरम्मत कार्यों को समय से पहले पूरा किया गया। डॉ. पंडा ने आगे भी कहा, ‘परिचालन दूरदर्शिता पर हमारा विशेष ध्यान यह सुनिश्चित करने में सफल रहा कि आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के बावजूद उत्पादन निर्बाध रूप से चलता रहे। चूना पत्थर (लाइम स्टो न) की आवश्यकताओं को घरेलू और बाहरी स्रोतों के संतुलित उपयोग से पूरा किया गया, जबकि प्रोपेन गैस की वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित की गई।’    खनन गतिविधियों पर केंद्रित विशेष प्रयासों से भी उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त हुए और सेल अपनी निजी खदानों की पूर्ण क्षमता का उपयोग करने में सफल रहा। लौह अयस्क के उत्पादन में वृद्धि से कंपनी अपनी आंतरिक कच्चे माल की आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा करने के साथ-साथ अतिरिक्त लौह अयस्क का घरेलू बाजार में विपणन करने में भी सक्षम रही। परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में लौह अयस्क की बिक्री पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 269 प्रतिशत बढ़ी। इस असाधारण प्रदर्शन ने कंपनी के लाभ में उल्लेखनीय योगदान दिया और उल्ले0खित है कि सेल का एकीकृत व्यवसाय मॉडल कितना मजबूत है, जिसमें खनन और इस्पात मूल्य श्रृंखला के प्रत्येक चरण में सृजित मूल्य सीधे बेहतर परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन में परिवर्तित होता है।  पूर्ण रूप से देखा जाए तो ये उपलब्धियाँ दर्शाती हैं कि सेल ने न केवल वित्तीय मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को भी अधिक प्रतिस्पर्धी बना रही है तथा भविष्य के लिए तैयार आधारभूत संरचना में निवेश कर रही है। इससे अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों में भी कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और सतत विकास की मजबूत आधारशीला तैयार हो रही है।

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एनटीपीसी कनिहा ने ओडिशा राज्य-स्तरीय पावर प्लांट सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की

कनिहा,ओडिशा। ओडिशा के फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स निदेशालय ने स्टेट लेबर इंस्टीट्यूट के सहयोग और एनटीपीसी  तालचेर-कनिहा के समर्थन से,एनटीपीसी कनिहा के…