जरूरत से समाधान तक पहुंची एपीसीपीएल की सीएसआर पहल, 16 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिला सहारा

Spread the love

छह जिलों में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को 63 हजार से अधिक सहायक उपकरण वितरित

झज्जर। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जीने में मदद देने के उद्देश्य से एपीसीपीएल की सीएसआर पहल लगातार जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रही है। एपीसीपीएल ने भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से वर्ष 2017 में शुरू की गई इस पहल के तहत अब तक 16,167 लाभार्थियों को 63,123 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए हैं।

हरियाणा के झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और भिवानी जिलों में संचालित इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुरूप निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है। इनमें मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकर, श्रवण यंत्र, चश्मे, कमोड सीट, सर्वाइकल कॉलर, फुट केयर किट, घुटने के ब्रेस, कंधे व कमर के बेल्ट, ट्राइपॉड, छड़ी और बैसाखी सहित विभिन्न उपकरण शामिल हैं।

पहल की खासियत यह है कि लाभार्थियों को केवल सामान्य श्रेणी के आधार पर उपकरण नहीं दिए जाते, बल्कि पहले असेसमेंट कैंप आयोजित कर उनकी व्यक्तिगत जरूरतों का आकलन किया जाता है। इसके बाद पात्र लाभार्थियों के लिए वितरण शिविर लगाकर उपयुक्त उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। एपीसीपीएल के अनुसार, किसी दिव्यांगजन के लिए व्हीलचेयर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का माध्यम बन सकती है। इसी तरह मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल रोजमर्रा के आवागमन को आसान बनाती है, जबकि श्रवण यंत्र संवाद और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने में मदद करता है।

वर्ष 2017 से 2025-26 तक इस पहल के तहत हजारों लोगों को सहायता मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2017-21 में 3,597 दिव्यांगजनों को 6,507 उपकरण, जबकि इसके बाद विभिन्न वर्षों में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी संख्या में सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र, झज्जर के माध्यम से ही 306 दिव्यांगजनों को 413 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।एपीसीपीएल की ओर से वर्ष 2025 में झज्जर में स्थापित प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र (PMDK) इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। एपीसीपीएल के अनुसार, यह किसी सरकारी कंपनी द्वारा अपनी सीएसआर पहल के तहत स्थापित देश का पहला प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र है।

केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को वर्षभर पुनर्वास सेवाएं तथा सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें सहायता के लिए केवल शिविरों का इंतजार न करना पड़े। यहां विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराए जाते हैं। झाड़ली गांव के लाभार्थी महाबीर ने बताया कि मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल उनके लिए केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का साधन है। इससे वह अपने रोजमर्रा के काम अधिक आसानी से कर पा रहे हैं। उन्होंने एपीसीपीएल पावर प्लांट की इस सहायता के लिए आभार जताते हुए कहा कि इससे उन्हें यह भरोसा मिला है कि समाज उनकी जरूरतों और परेशानियों को समझता है। एपीसीपीएल की यह पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है कि दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक अपनी क्षमताओं के अनुरूप अधिक स्वतंत्र, सम्मानजनक और सहभागी जीवन जी सकें। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *