“सिलाई से स्वावलंबन” परियोजना का पहला बैच सम्मानित*
झज्जर। एपीसीपीएल पॉवर प्लांट ने अपनी नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर ) पहल के तहत “सिलाई से स्वावलंबन” परियोजना का पहला बैच सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पावर प्लांट के आस पास के गांवों की महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना और उनके लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करना है। इस अवसर पर दिलीप कईर्बोत्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एपीसीपीएल); जोयोतोष कुमार डे (महाप्रबंधक, संचालन एवं अनुरक्षण), मोहम्मद निजामुद्दीन महाप्रबंधक (संचालन एवं ईंधन प्रबंधन), अतुल अग्रवाल अपर महाप्रबंधक (अनुरक्षण), उमेश कुमार, अपर-महाप्रबंधक (मानव संसाधन), सभी विभागाध्यक्ष, श्रीमती ममता कईर्बोत्ता, अध्यक्षा (सखी लेडीज़ क्लब) तथा क्लब की वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।
पहले बैच में कुल 16 महिलाएँ शामिल थीं जिन्होंने 3 माह का संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह प्रशिक्षण उषा इंटरनेशनल के सहयोग से आयोजित किया गया। परियोजना के अंतर्गत कुल 4 बैचों में 15-15 महिलाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिससे समुदाय स्तर पर स्थायी प्रभाव डाला जा सके।
श्री कईर्बोत्ता ने कहा, “सिलाई से स्वावलंबन केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान की ओर बढ़ाया गया ठोस कदम है। जब महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तो पूरा समाज प्रगति करता है। हमारा संकल्प है कि हम समुदाय की हर महिला को अपने पैरों पर खड़ा होने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दें।महिलाओं की मेहनत और समर्पण को सम्मानित करने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को पावर प्लांट द्वारा प्रमाण पत्र और औद्योगिक ग्रेड की मोटराइज्ड सिलाई मशीन प्रदान की गई। इस सहयोग से महिलाएँ स्वयं का रोजगार शुरू कर सकेंगी और अपने परिवार की आय में योगदान देकर आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान प्राप्त करेंगी। एपीसीपीएल की यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी सामुदायिक विकास के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
