राजभाषा सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: ‘नराकास’ सोनभद्र की 34वीं बैठक संपन्न

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सोनभद्र। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), सोनभद्र की 34वीं बैठक का दिनांक 29.04.2026 को ऑनलाइन आयोजन किया गया, जिसमें सदस्य कार्यालयों के प्रमुखों एवं राजभाषा अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए  संदीप नायक, कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली एवं अध्यक्ष, नराकास, सोनभद्र ने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी कार्यान्वयन केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के निर्देशों, राजभाषा अधिनियम, 1963 तथा राजभाषा नियम, 1976 के प्रावधानों के शत-प्रतिशत अनुपालन पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयीन कार्यों—जैसे नोटिंग, ड्राफ्टिंग, पत्राचार, प्रतिवेदन, तकनीकी दस्तावेज एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म—में हिंदी का अनिवार्य एवं व्यवहारिक प्रयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को हिंदी को अपनी स्वाभाविक कार्य-भाषा के रूप में अपनाने की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे।

श्री नायक ने राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम 2026-27 को एक मार्गदर्शक दस्तावेज बताते हुए कहा कि इसके अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से अपेक्षा की कि वे हिंदी पत्राचार में वृद्धि, धारा 3(3) के अंतर्गत द्विभाषिकता का अनुपालन, कंप्यूटर में हिंदी सॉफ्टवेयर के उपयोग तथा कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दें।

बैठक के प्रारंभ में “सोनभद्र राजभाषा सरिता” के प्रथम अंक का विमोचन किया गया, जो राजभाषा के प्रचार-प्रसार एवं सृजनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर उत्कृष्ट राजभाषा कार्य करने वाले कार्यालयों को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सदस्य कार्यालयों द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन की उपलब्धियों से अवगत कराया गया तथा इसे और प्रभावी बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। हिंदी कार्यशालाओं के नियमित आयोजन, तकनीकी गोष्ठियों के संचालन तथा कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रशिक्षित करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक के दौरान राजभाषा अधिनियम एवं नियमों से संबंधित एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को राजभाषा नीतियों के व्यावहारिक पक्षों की जानकारी प्राप्त हुई। बैठक का सफल संयोजन डॉ. ओम प्रकाश, उप महाप्रबंधक (राजभाषा) एवं सदस्य सचिव, नराकास, सोनभद्र द्वारा किया गया।

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