इरादतगंज यार्ड में ड्यूल डिटेक्शन सिग्नल प्रणाली की सफलता पूर्वक स्थापना

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 रेलवे सिग्नलिंग में तकनीकी उन्नयन से बढ़ेगी संरक्षा एवं विश्वसनीयता

 प्रयागराज। मंडल द्वारा रेलवे सुरक्षा एवं परिचालन विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दिनांक 16 जून को इरादतगंज यार्ड में डीसी ट्रैक सर्किट के समानांतर ड्यूल डिटेक्शन तकनीक की मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC) प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कार्य संपन्न किया गया। यह कार्य जल भराव की स्थिति में यार्डों में सुरक्षा बढ़ाने की रेलवे की पहल का हिस्सा है। इरादतगंज यार्ड में ड्यूल डिटेक्शन सिग्नल प्रणाली कमीशनिंग मुख्य सिग्नल एवं टेलिकॉम इंजीनियर, श्री अनिल चोयल के मार्गदर्शन में पूर्ण किया गया । इस अवसर पर उप मुख्य सिग्नल एवं टेलिकॉम इंजीनियर, सुजीत; वरिष्ठ सिग्नल एवं टेलिकॉम इंजीनियर, अभिषेक प्रताप; मण्डल सिग्नल एवं टेलिकॉम इंजीनियर, सौरभ ठाकुर एवं सहायक मण्डल सिग्नल एवं टेलिकॉम इंजीनियर,  अरशद मोहम्मद उपस्थित थे ।

नई व्यवस्था में MSDAC वर्तमान ट्रैक सर्किट के समानांतर कार्य करते हुए ट्रैक ऑक्यूपेंसी की दोहरी निगरानी सुनिश्चित करेगी, जिससे रेल परिचालन की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी । इस सिग्नल प्रणाली में अलग-अलग UP एवं DN क्यूबिकल उपलब्ध कराए गए, 46 डिटेक्शन पॉइंट्स (DPs) स्थापित किए गए एवं 34 ट्रैक सर्किट प्रणाली सम्मिलित की गई हैं । कुल 13 लेवल क्रॉसिंग (LV) को प्रणाली से जोड़ा गया। नई प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं में विफलता की स्थिति में ऑटो रीसेटिंग सुविधा, स्टेशन मास्टर के पास मैनुअल रीसेटिंग की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी तथा एक प्रणाली के असफल होने पर दूसरी प्रणाली के माध्यम से निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने वाली दोहरी सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। ऑटो रीसेटिंग सुविधा: विफलता के बाद ट्रैक स्थिति स्वतः पुनर्स्थापित, जिससे डाउनटाइम और मैनुअल हस्तक्षेप कम ।

मैनुअल रीसेट बॉक्स: स्टेशन मास्टर के पास मैनुअल रीसेटिंग की सुविधा ।

सुरक्षा की उन्नत गारंटी: एक प्रणाली विफल होने पर भी दूसरी प्रणाली से संचालन निर्बाध । इस तकनीकी उन्नयन से इरादतगंज यार्ड में ट्रैक अधिभोग (Track Occupancy) की निगरानी और अधिक सटीक एवं विश्वसनीय होगी। साथ ही, डाउनटाइम में कमी आएगी तथा परिचालन दक्षता और सुरक्षा के उच्च मानक स्थापित होंगे। यह उपलब्धि भारतीय रेल की उस सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत यात्रियों को सुरक्षित, निर्बाध एवं विश्वसनीय रेल परिवहन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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