डूब क्षेत्र करीवालेवा के ग्रामीणों ने रोया दुखड़ा, मिला तत्काल समाधान का भरोसा
दुद्धी (सोनभद्र)। विकास की वेदी पर अपनी जमीन कुर्बान करने वाले कनहर सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। दुद्धी के उपजिलाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता मंगलवार को तमाम प्रशासनिक सीमाओं को लांघकर सीधे प्रभावितों के द्वार पहुंचे। सीधे रास्ते की अनुपलब्धता के कारण एसडीएम ने पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के रास्ते करीब 70 किलोमीटर का बेहद कठिन और दुर्गम सफर तय किया और सुंदरी गाँव के सुदूरवर्ती ‘करीवालेवा’ टोले में जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।बिना किसी पूर्व तामझाम के अचानक अपने बीच शीर्ष अधिकारी को पाकर विस्थापित ग्रामीणों की आंखें खुशी से छलक उठीं। घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे इस क्षेत्र में प्रशासनिक मुखिया का पहुंचना ही ग्रामीणों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरा।विस्थापन स्थलों पर अब तक शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें और बिजली की मुकम्मल व्यवस्था नही होने की बात बतायी।
“एक भी विस्थापित के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं” — एसडीएम
ग्रामीणों की एक-एक फरियाद और आंसुओं को गंभीरता से सुनते हुए एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने मौके पर ही मौजूद राजस्व विभाग की टीम को समस्या निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।ग्रामीणों को भरोसा देते हुए एसडीएम ने कहा, “शासन की मंशा स्पष्ट है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी नागरिक पीछे नहीं छूटना चाहिए। विस्थापन के कारण उत्पन्न हुई हर समस्या का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं हर हाल में मुहैया कराई जाएंगी और विधिक दायरे में रहकर प्रत्येक प्रभावित परिवार को उनका हक और पूरा न्याय दिलाया जाएगा।”इस मौके पर राजस्व विभाग के लेखपाल अरुण कन्नौजिया के अलावा विस्थापित ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं, जिन्होंने प्रशासन की इस ऐतिहासिक पहल की सराहना की।
